देश की खबरें | ओडिशा उपचुनावः धामनगर विधानसभा सीट पर 66.63 फीसदी मतदान, झड़प में दो घायल
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. धांधली के आरोपों और प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प के बीच ओडिशा की धामनगर विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार को उपचुनाव में 66.63 फीसदी मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
भुवनेश्वर, तीन नवंबर धांधली के आरोपों और प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प के बीच ओडिशा की धामनगर विधानसभा सीट पर बृहस्पतिवार को उपचुनाव में 66.63 फीसदी मतदान हुआ। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस के लोहानी ने कहा कि मतदान स्थलों से चुनाव कर्मियों की वापसी के बाद प्राप्त रिपोर्ट से मतदान का अंतिम आंकड़ा मिलेगा और इसके बाद मतदान प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है।
चुनाव में गड़बड़ी एवं झड़पों के बारे में उन्होंने कहा कि मतदान कमोबेश शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने कहा, ‘‘ मतदान केंद्रों के समीप हिंसा नहीं हुई। हमारे संज्ञान में एक दो छोटे-मोटे मामले आए हैं और वे मतदान केंद्रों से दूर हुए। ’’
रामेश्वरपुर में दो मतदान केंद्रों पर मतदान के दौरान सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की खबरें है, जिनमें दो लोग घायल हुए।
रामेश्वरपुर में मतदान केंद्रों 169 और 170 पर बीजद और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़पों में दो लोग घायल हो गये।
भाजपा ने खालागडिया के मतदान केंद्र 22 और 23 पर बीजद कार्यकर्ताओं पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
रामेश्वरपुर में पुलिस ने कहा कि एक दल के कार्यकर्ताओं ने मतदान केंद्र से 100 मीटर की दूरी के अंदर प्रतिबंधित क्षेत्र में पोस्टर लगाने की कोशिश की, जिसका दूसरे दल के समर्थकों ने विरोध किया और झड़प शुरू हो गई।
पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के आरोपों के आधार पर स्थानीय थाने में मामला दर्ज किया गया है और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
खालागडिया में पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मतदान जारी रहा।
निर्वाचन अधिकारी अमित कुमार ने खालागडिया में दो मतदान केंद्रों पर गड़बड़ियों के भाजपा के आरोप का खंडन किया है।
उपचुनाव के लिए 1000 पुलिस कर्मियों और केंद्रीय अर्धसैनिक बल की चार कंपनियों को तैनात किया गया था। इसके अतिरिक्त 1008 मतदान अधिकारी निर्वाचन क्षेत्र में तैनात किए गए थे जबकि प्रवेश और निकास बिंदुओं को सील कर दिया गया था।
कुल 110 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया था और 126 मतदान केंद्रों पर वेबकास्ट की व्यवस्था की गई थी।
इस उपचुनाव में 1.23 लाख पुरुषों और 1.15 लाख महिलाओं समेत कुल 2.38 लाख मतदाता मतदान के लिए पात्र थे।
विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में 70 फीसदी मतदान हुआ था। 2019 में विधानसभा चुनाव में 72.64 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था।
उपचुनाव के लिए मतगणना 6 नवंबर को की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं निवर्तमान विधायक बिष्णु चरण सेठी के इस साल 19 सितंबर को निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। भाजपा ने सहानुभूति के आधार पर वोट हासिल करने की कोशिश करते हुए सेठी के बेटे सूर्यवंशी सूरज को अपना उम्मीदवार बनाया है।
इस उपचुनाव में पांच उम्मीदवारों के बीच टक्कर है, लेकिन सभी की नजरें सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) उम्मीदवार अंबाती दास और पार्टी से बागी नेता एवं निर्दलीय उम्मीदवार राजेंद्र दास के बीच मुकाबले पर टिकी हैं। दास को अंतिम समय पर टिकट नहीं दिया गया। कांग्रेस ने बाबा हरेकृष्ण सेठी और आम आदमी पार्टी (आप) ने अनवर शेख को मैदान में उतारा है।
इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि एक मतदान अधिकारी की बुधवार रात मतदान केंद्र पर पहुंचने से पहले मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि पेशे से शिक्षक नटबर मुंडा मतदान केंद्र पर पहुंचने से पहले बीमार पड़ गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस के लोहानी ने कहा कि आयोग शोक संतप्त परिवार को मुआवजे के तौर पर 15 लाख रुपये देगा।
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