ताजा खबरें | आजमगढ़ के मुबारकपुर में कांटे की टक्कर, एआईएमआईएम ने चतुष्कोणीय मुकाबला बनाया

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को कमजोर या ‘‘नुकसान’’ पहुंचाने वाला माना जाता है लेकिन आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट पर स्थिति अलग है और यहां उसे ‘‘गंभीर प्रतिद्वंद्वी’’माना जा रहा है जो सालों से यहां पर मजबूत पैठ रखने वाली बसपा और सपा के लिए चुनौती पेश कर रही है।

मुबारकपुर (उप्र), 28 फरवरी उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को कमजोर या ‘‘नुकसान’’ पहुंचाने वाला माना जाता है लेकिन आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट पर स्थिति अलग है और यहां उसे ‘‘गंभीर प्रतिद्वंद्वी’’माना जा रहा है जो सालों से यहां पर मजबूत पैठ रखने वाली बसपा और सपा के लिए चुनौती पेश कर रही है।

इस सीट को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का ‘गढ़’ माना जाता है जिसे वर्ष 1996 से यहां पर हराया नहीं जा सका है जबकि 2002 के चुनाव को छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) यहां दूसरे स्थान पर रहती आयी है। 2002 के चुनाव में लोक जनशक्ति पार्टी यहां दूसरे स्थान पर थी।

एआईएमआईएम ने इस सीट से शाह आलम उर्फ ‘गुड्डू जमाली’ को अपना प्रत्याशी बनाया है जो लगातार दो बार बसपा के टिकट पर यहां से चुनाव जीतते रहे हैं। वहीं सपा ने अखिलेश यादव को प्रत्याशी बनाया है जो पिछले दो चुनावों में दूसरे स्थान पर रहे थे।

इस निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का कहना है कि एआईएमआईएम नहीं बल्कि आलम मजबूत उम्मीदवार हैं जिनकी वजह से सपा के यादव और बसपा के अब्दुस सलाम के मुकाबले में एआईएमआईएम ‘‘गंभीर दावेदार’’ के तौर पर उभरी है।

भाजपा ने इस मुस्लिम बहुल सीट से अरविंद जयसवाल को अपना प्रत्याशी बनाया है जिन्हें उम्मीद है कि मुस्लिम मतों के तीन प्रत्याशियों में बंटने की वजह से उनकी जीत संभव है।

सपा प्रत्याशी अखिलेश यादव लोगों को बिहार और पश्चिम बंगाल चुनाव की याद दिलाते हुए कहते हैं कि बिहार में एआईएमआईएम के पक्ष में मतों का विभाजन होने का नतीजा रहा कि भाजपा की जीत हुई जबकि पश्चिम बंगाल जहां पर ओवैसी की पार्टी को अधिक समर्थन नहीं मिला, वहां भाजपा की हार हुई।

उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता अखिलेश यादव की सरकार चाहती है और इसलिए राज्य और मुबारकपुर में एआईएमआईएम का कोई स्थान नहीं है।

यादव ने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘यह चुनाव विचारधारा और विकास का है। मैं धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक सिद्धांतों में विश्वास करता हूं, मैं समाजवादी हूं, अखिलेश यादव की सरकार में चारों तरफ विकास हुआ था जबकि भाजपा के शासन में वित्तीय, सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं में वृद्धि हुई है।’’

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