जरुरी जानकारी | लघु बचत योजनाओं पर पहली तिमाही के लिये ब्याज दरों में बदलाव नहीं, पीपीएफ पर मिलेगा 7.1 प्रतिशत ब्याज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) जैसी लघु बचत योजनाओं पर वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के लिये ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया।
नयी दिल्ली, 31 मार्च सरकार ने बृहस्पतिवार को सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) जैसी लघु बचत योजनाओं पर वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के लिये ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया।
इन योजनाओं पर 2020-21 की पहली तिमाही से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
पीपीएफ, एनएससी पर सालाना ब्याज दर पहली तिमाही में क्रमश: 7.1 प्रतिशत और 6.8 प्रतिशत बनी रहेगी।
वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘विभिन्न लघु बचत योजनाओं के लिये 2022-23 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी इन योजनाओं पर वही ब्याज मिलेगा जो, चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च, 2021) में था।’’
लघु बचत योजनाओं के लिये ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है।
एक साल की मियादी जमा पर ब्याज दर एक अप्रैल, 2022 से शुरू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5.5 प्रतिशत होगी। वहीं बालिकाओं के लिये बचत योजना सुकन्या समृद्धि योजना पर 7.6 प्रतिशत ब्याज प्रतिशत मिलेगा।
अधिसूचना के अनुसार, पांच साल की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर र 7.4 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती रहेगी।
बचत खाते पर ब्याज पहले की तरह चार प्रतिशत होगा।
एक साल से पांच साल की अवधि के लिये मियादी जमा पर ब्याज 5.5 प्रतिशत से 6.7 प्रतिशत होगा। जबकि पांच साल की आवर्ती जमा (आरडी) पर 5.8 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)