देश की खबरें | एनएमसी ने मणिपुर के चार मेडिकल कॉलेज के विस्थापित छात्रों के लिए अस्थायी व्यवस्था घोषित की

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नयी दिल्ली, 29 नवंबर मणिपुर के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के चार मेडिकल कॉलेजों के सभी विस्थापित छात्रों को एक अस्थायी व्यवस्था के तहत चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में कक्षाओं में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने निर्णय लिया है कि इसके अलावा, ऐसे सभी छात्रों के लिए परीक्षाओं की व्यवस्था उसी मेडिकल कॉलेज में की जाएगी और उपस्थिति (अटेंडेंस) में कमी को दूर करने के लिए विशेष कक्षाओं का इंतजाम करने के साथ ही आंतरिक मूल्यांकन की भी व्यवस्था की जाएगी।

अंडर-ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के अध्यक्ष सहित आयोग के सदस्यों के एक दल ने इम्फाल का दौरा किया और स्थिति का मूल्यांकन करने और कानून-व्यवस्था की समस्याओं का एक उचित समाधान खोजने के लिए राज्य प्राधिकारियों और सभी चार मेडिकल कॉलेजों के डीन के साथ एक विस्तृत चर्चा की गई। एनएमसी ने बुधवार को मणिपुर सरकार को इन फैसलों से अवगत कराया।

राज्य सरकार तीन मई को मणिपुर में हिंसा फैलने के बाद से जेएनआईएमएस, आरआईएमएस, सीएमसी और शिजा मेडिकल कॉलेज के विस्थापित छात्रों के लिए कक्षाएं और परीक्षा आयोजित करने की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और एनएमसी को पत्र लिखती रही है।

एनएमसी ने मणिपुर में आयुक्त सह सचिव, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘विस्तृत चर्चा के बाद, एनएमसी में सक्षम प्राधिकारी ने निर्णय लिया कि मणिपुर के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में चार मेडिकल कॉलेज के सभी विस्थापित छात्रों को चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज में ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में कक्षाएं लेने की अनुमति दी जाएगी।’’

इसमें कहा गया है, ‘‘ऐसे सभी विस्थापित छात्रों के लिए परीक्षा उसी मेडिकल कॉलेज में आयोजित की जाएगी और उपस्थिति में कमी के लिए विशेष कक्षाओं की व्यवस्था के साथ ही आंतरिक मूल्यांकन की भी व्यवस्था की जाएगी।’’

राज्य प्राधिकरण चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज में विस्थापित अध्यापकों के उपयोग की भी व्यवस्था कर सकता है। इसमें बताया गया है कि भौतिक उपस्थिति में परीक्षा आयोजित करने के लिए बाहरी परीक्षकों की व्यवस्था विश्वविद्यालय या राज्य प्राधिकारियों द्वारा मणिपुर के बाहर से की जानी चाहिए, यानी ऑफलाइन आंतरिक परीक्षक ऑनलाइन मूल्यांकन कर सकते हैं।

एनएमसी ने पत्र में कहा, ‘‘संकट के समाधान के लिए वर्तमान व्यवस्था अस्थायी प्रकृति की है। उपरोक्त अनुमति मणिपुर में असाधारण स्थिति को ध्यान में रखते हुए दी गई है और यह एक वर्ष की अवधि के लिए या स्थिति सामान्य होने तक, जो भी पहले हो, लागू होगी। दी गई अनुमति एक विशिष्ट स्थिति के लिए विशिष्ट है और इसे बिल्कुल मिसाल के तौर पर नहीं लिया जा सकता।’’

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