जरुरी जानकारी | सभी के लिये सस्ती, स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त करने को लेकर सम्मिलित वैश्विक कदम उठाने की आवश्यकता: भारत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारत ने बुधवार को संयुक्तराष्ट्र के मंच से सभी के लिये किफायती और स्वच्छ ऊर्जा की पैरवी की। भारत ने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिये सम्मिलित वैश्विक प्रयास आवश्यक है। इसके अलावा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने, ऊर्जा के दायरे को बढ़ाने के लिये नवोन्मेषी तरीके अपनाने तथा मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की भी आवश्यकता है।

संयुक्तराष्ट्र, 11 मार्च भारत ने बुधवार को संयुक्तराष्ट्र के मंच से सभी के लिये किफायती और स्वच्छ ऊर्जा की पैरवी की। भारत ने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिये सम्मिलित वैश्विक प्रयास आवश्यक है। इसके अलावा अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने, ऊर्जा के दायरे को बढ़ाने के लिये नवोन्मेषी तरीके अपनाने तथा मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की भी आवश्यकता है।

बिजली तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री राज कुमार सिंह ने बुधवार को कहा, ‘‘हमारे पास सतत विकास लक्ष्य संख्या सात (एसडीजी 7) को पाने के लिये और सभी को सस्ती, विश्वसनीय व टिकाऊ ऊर्जा तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिये करीब 10 साल हैं।’’

उन्होंने ऊर्जा पर संयुक्तराष्ट्र की उच्च स्तरीय वार्ता की आभासी शुरुआत के मौके पर कहा कि एसडीजी 7 पाने के लिये वैश्विक स्तर पर सम्मिलित प्रयासों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिये (एसडीजी 7 लक्ष्य पाने के लिये) मजबूत राजनीतिक प्रतिबद्धता, ऊर्जा की पहुंच के विस्तार के नये तरीकों, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने की भी आवश्यकता होगी।’’

सिंह ने कहा कि एसडीजी 7 प्राप्त करने के रास्ते में आने वाली चुनौतियां बहुत बड़ी हैं, लेकिन उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक रूप से हम चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिये एक स्वच्छ ऊर्जा वाला भविष्य सुनिश्चित कर सकते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हाथ मिलाने और सही मायने में ऊर्जा पर काम करने का वर्ष है।

संयुक्तराष्ट्र ने एक बयान में कहा कि उसके सदस्य देशों के 20 से अधिक मंत्री-स्तरीय 'ग्लोबल चैंपियंस' ने बुधवार को संदेश जारी किया और 2030 तक सभी के लिये सस्ती, स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त करने की दिशा में तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया।

इस वार्ता की आभासी शुरुआत के साथ ही पांच तकनीकी कार्यकारी समूहों के द्वारा चर्चा की भी शुरुआत हो गयी, जो आपस में मिलकर 2030 तक एसडीजी 7 प्राप्त करने का खाका तैयार करेंगे। ये पांच समूह ऊर्जा की पहुंच, ऊर्जा संचरण, समावेश के जरिये सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने, वित्त व निवेश और संचरण, नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी व डेटा पर हैं।

भारत समेत ब्राजील, चिली, कोलम्बिया, डेनमार्क, जर्मनी, नाईजीरिया, स्पेन और ब्रिटेन ऊर्जा संचरण समूह का हिस्सा हैं।

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