जरुरी जानकारी | दूरसंचार, इंटरनेट बंद होने के औचित्य पर निर्णय के लिये व्यवस्था बनाने की जरूरत: संसदीय समिति
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. संसद की एक समिति ने किसी खास समय के दौरान इंटरनेट बंद करने की उपयुक्तता के बारे में निर्णय करने को लेकर मानदंडों के अभाव के लिये सरकार की खिंचाई की है। उसने कहा कि सार्वजनिक आपात स्थिति और जन सुरक्षा की कोई स्पष्ट परिभाषा नहीं है।
नयी दिल्ली, एक दिसंबर संसद की एक समिति ने किसी खास समय के दौरान इंटरनेट बंद करने की उपयुक्तता के बारे में निर्णय करने को लेकर मानदंडों के अभाव के लिये सरकार की खिंचाई की है। उसने कहा कि सार्वजनिक आपात स्थिति और जन सुरक्षा की कोई स्पष्ट परि नहीं है।
संचार और सूचना प्राद्योगिकी पर संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी सिफारिश की है कि सरकार को इंटरनेट बंद होने से अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने को लेकर अध्ययन कराना चाहिए और सार्वजनिक आपात स्थिति और जन सुरक्षा से निपटने में इसका प्रभाव का पता लगाया जाना चाहिए।
‘दूरसंचार सेवाओं/इंटरनेट निलंबन और उसका प्रभाव’ शीर्षक से संसद में पेश में रिपोर्ट में दूरसंचार और इंटरनेट बंद किये जाने की उपयुक्तता पर निर्णय लेने के लिए जल्द- से -जल्द एक उचित तंत्र स्थापित करने की जरूरत बतायी गयी है।
रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘सार्वजनिक आपात स्थिति और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर परिभाषित मापदंडों को भी अपनाया और संहिताबद्ध किया जा सकता है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जमीनी स्तर पर निलंबन नियमों को लागू करते समय विभिन्न राज्यों में कोई अस्पष्टता न हो।’’
समिति ने कहा कि मौजूदा स्थिति में ऐसा कोई मानदंड नहीं है, जिससे दूरसंचार/इंटरनेट बंद करने के औचित्य या उपयुक्तता के बारे में निर्णय किया जा सके।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे मानदंडों के नहीं होने से इंटरनेट बंद करने का आदेश विशुद्ध रूप से जिला स्तर के अधिकारी के विषय आधारित मूल्यांकन और जमीनी स्थितियों के आधार पर दिया जाता है और यह काफी हद तक कार्यकारी निर्णयों पर आधारित है।
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