देश की खबरें | मुंबई : लीलावती अस्पताल के पूर्व न्यासियों पर 1500 करोड़ रुपये के गबन का आरोप, प्राथमिकी दर्ज

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मुंबई, 11 मार्च महाराष्ट्र की राजधानी स्थित लीलावती अस्पताल का संचालन करने वाले धर्मार्थ न्यास ने मंगलवार को आरोप लगाया कि उसके पूर्व न्यासियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों ने 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गबन किया है।

लीलावती कीर्तिलाल मेहता मेडिकल ट्रस्ट (एलकेएमएमटी) ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और बांद्रा पुलिस थाना में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि अस्पताल परिसर में पूर्व न्यासियों और संबंधित व्यक्तियों द्वारा काला जादू भी किया गया था।

शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि लीलावती अस्पताल के वित्तीय अभिलेखों के 'फोरेंसिक ऑडिट' के दौरान उजागर हुई इस हेराफेरी ने न्यास के संचालन और बांद्रा क्षेत्र में स्थित प्रमुख निजी चिकित्सा सुविधा द्वारा प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किया है।

एलकेएमएमटी के परमानेंट रेजीडेंट ट्रस्टी प्रशांत मेहता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने शिकायतें दर्ज कराई और बांद्रा मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश के कारण यह प्राथमिकी में तब्दील की गईं। पूर्व न्यासियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ तीन से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इन व्यक्तियों के खिलाफ चौथी कार्यवाही अब मजिस्ट्रेट के समक्ष लंबित है, जो काले जादू और गुप्त प्रथाओं के लिए बांद्रा पुलिस थाना में दर्ज हमारी शिकायत पर आधारित है।’’

उन्होंने बताया कि बांद्रा मजिस्ट्रेट अदालत ने इन्हीं व्यक्तियों के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

अस्पताल परिसर में किए जाने वाले काले जादू के अनुष्ठानों के बारे में मेहता ने कहा, ‘‘हमे मानव बाल और खोपड़ियों वाले सात से अधिक कलश मिले हैं।’’

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