जरुरी जानकारी | एमएसएमई कंपनियों को डेटा, प्रौद्योगिकी नियमन से बाधाएं खड़ी होने की आशंकाः रिपोर्ट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. एमएसएमई इकाइयों का मानना है कि डेटा एवं डिजिटल साधनों पर बहुत अधिक नियमन उनके लिए बाधाएं पैदा कर सकता है और उन्हें अपना कारोबार बढ़ाने और नए बाजारों एवं ग्राहकों तक पहुंचने के लिए जरूरी प्रौद्योगिकी साधनों से वंचित कर सकता है। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

नयी दिल्ली, 12 मार्च एमएसएमई इकाइयों का मानना है कि डेटा एवं डिजिटल साधनों पर बहुत अधिक नियमन उनके लिए बाधाएं पैदा कर सकता है और उन्हें अपना कारोबार बढ़ाने और नए बाजारों एवं ग्राहकों तक पहुंचने के लिए जरूरी प्रौद्योगिकी साधनों से वंचित कर सकता है। एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

इंडिया एसएमई फोरम ने यह सर्वेक्षण परिचालन में डिजिटल उपकरणों के एकीकरण के बारे में जानकारी जुटाने के लिए 1,000 से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के बीच कराया है।

अधिकांश उत्तरदाताओं ने कहा कि डेटा एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित अत्यधिक विनियमन उनके लिए बाधाएं खड़ी कर सकता है, उन्हें अपने व्यवसायों को बढ़ाने, नए बाजारों तक पहुंचने और प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए आवश्यक डिजिटल माध्यमों से वंचित कर सकता है।

डिजिटल माध्यम बड़े उद्यमों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपने ब्रांड स्थापित करने के लिए लागत प्रभावी और विस्तार-योग्य साधन के रूप में काम करते हैं।

रिपोर्ट कहती है, ‘‘कई एमएसएमई फर्मों ने कहा है कि व्यक्तिगत डेटा और गैर-व्यक्तिगत डेटा के लिए वर्तमान समग्र नियामकीय ढांचा अत्यधिक प्रतिबंधात्मक है। इससे अनुपालन बोझ पैदा होता है जो प्रभावी रूप से विपणन करने और ग्राहकों के साथ जुड़ने की उनकी क्षमता में बाधा डालता है।’’

रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल सर्च पर विज्ञापन देने वाले लगभग 71 प्रतिशत एमएसएमई, यूट्यूब पर 70 प्रतिशत और अमेजन पर 69 प्रतिशत इस बात को लेकर आशंकित हैं कि विज्ञापन के लक्ष्य निर्धारण को गंवाना उनके लिए एक बड़ी समस्या होगी।

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