जबलपुर, नौ जून मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी सरकार की प्रमुख ‘लाडली बहना योजना’ के तहत राज्य की सवा करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में एक-एक हजार रुपये की पहली किस्त शनिवार को भेजेंगे।
प्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इस कदम को पार्टी नेता बहुत अहम मान रहे हैं।
भाजपा ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा की जबलपुर में सोमवार को होने वाली रैली से पहले इस योजना संबंधी कार्यक्रम जबलपुर में रखा है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि प्रियंका ने (दिसंबर 2022 में हुए) हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 'नारी सम्मान निधि' के तहत पात्र महिलाओं को 1,500-1,500 रुपये देने की घोषणा की थी और चौहान ने इसकी नकल करके 'लाडली बहना योजना' की घोषणा की है।
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के मीडिया विभाग के अध्यक्ष के के मिश्रा ने कहा कि जबलपुर में प्रियंका का समारोह कम से कम डेढ़ महीने पहले तय किया गया था, लेकिन भाजपा सरकार ने ‘‘ डर से और प्रियंका के समारोह के प्रभाव को नकारने के व्यर्थ प्रयास’’ के तहत ‘लाडली बहना हस्तांतरण समारोह’ का आयोजन किया है।
भाजपा की मध्य प्रदेश इकाई की प्रवक्ता नेहा बग्गा ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रियंका की एकमात्र उपलब्धि यह है कि वह अपनी दादी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह दिखती हैं।
बग्गा ने कहा, ‘‘उनमें (प्रियंका में) राजनीतिक और संगठनात्मक कौशल की कमी है, जो उत्तर प्रदेश के चुनावों में साबित हो गया, जहां उनके अभियान के बावजूद कांग्रेस का सफाया हो गया। जबलपुर में हमारे समारोह का फैसला जल्दबाजी में नहीं किया गया। यह काफी पहले तय किया गया है।’’
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस प्रियंका की यात्रा पर एक करोड़ रुपये खर्च कर रही है जबकि मुख्यमंत्री चौहान 1.25 करोड़ महिलाओं के बैंक खातों में एक-एक हजार रुपये डाल रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की महिलाओं से अपील की है कि वे 10 जून की शाम को अपने खाते में हजार-हजार रुपये आने पर अपने घर में दीए जलाएं। लाभार्थी अगले दिन से बैंक खातों से पैसा निकाल सकते हैं।
चौहान ने भोपाल में पांच मार्च को अपने 65वें जन्मदिन पर इस योजना का आरंभ करने के बाद पिछले दो महीने में राज्यभर में कई ‘लाडली बहना’ कार्यक्रमों में भाग लिया है।
इस योजना के तहत 23 वर्ष से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं को कुछ निश्चित शर्तों के साथ प्रति माह एक-एक हजार रुपये दिए जाएंगे।
इन शर्तों में उनका आयकर दाता नहीं होना और उनके परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम होने जैसी शर्त शामिल है।
राज्य के बजट में इस योजना के लिए 8,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना का लाभ उठाने की इच्छुक महिलाओं ने 15 मार्च से 30 अप्रैल तक अपने प्रपत्र जमा किए।
एक अनुमान के मुताबिक मध्य प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों में से कम से कम 18 क्षेत्रों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है।
इन क्षेत्रों में आदिवासी बहुल बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अलीराजपुर और झाबुआ जिले शामिल हैं।
राज्य में नयी महिला मतदाताओं की संख्या में 2.79 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या में 2.30 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 13.39 लाख नये मतदाताओं में से 7.07 लाख महिलाएं हैं।
वर्ष 2018 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 114 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, जबकि भाजपा को 109 सीट मिली थीं।
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के नेतृत्व में एक गठबंधन सरकार बनाई थी, लेकिन मार्च 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के वफादार कई विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस सरकार गिर गई। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान का मुख्यमंत्री के रूप में वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ।
दिमो
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