देश की खबरें | अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने वाले अधेड़ लोग तेजी से हो सकते हैं बुढ़ापे का शिकार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. एक आनुवंशिक अध्ययन से पता चला है कि अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने से जीन प्रभावित हो सकते हैं तथा अधेड़ लोगों को बुढ़ापा ज्यादा रफ्तार से अपनी गिरफ्त में ले सकता है।

नयी दिल्ली, 27 फरवरी एक आनुवंशिक अध्ययन से पता चला है कि अत्यधिक गर्मी के संपर्क में आने से जीन प्रभावित हो सकते हैं तथा अधेड़ लोगों को बुढ़ापा ज्यादा रफ्तार से अपनी गिरफ्त में ले सकता है।

अत्यधिक गर्मी से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसमें हृदय रोग और मृत्यु दर में वृद्धि शामिल है।

अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में समाजशास्त्र की प्रोफेसर एवं शोध की वरिष्ठ लेखिका जेनिफर आइलशायर ने कहा कि जिन इलाकों में अधिक गर्मी वाले दिन होते हैं, वहां रहने वाले लोगों में औसतन ठंडे इलाकों के निवासियों की तुलना में जैविक उम्र बढ़ने की दर अधिक देखी जाती है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह वास्तव में गर्मी और नमी के संयोजन से संबंधित है, खासकर अधेड़ लोगों के लिए, क्योंकि ऐसी उम्र के लोगों को जवान लोगों की तरह पसीना नहीं आता । (अधेड़ उम्र में) हम पसीने के वाष्पीकरण से होने वाले त्वचा को ठंडा करने के प्रभाव को महसूस करने की अपनी क्षमता खोना शुरू कर देते हैं।’’

जैविक आयु आणविक, कोशिकीय और अंगों के स्तर पर शरीर की कार्यप्रणाली को दर्शाती है। कालानुक्रमिक आयु (जन्म तिथि के आधार पर) के सापेक्ष उच्च जैविक आयु को विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के लिए जोखिम कारक माना जाता है।

पत्रिका ‘साइंस एडवांसेस’ में प्रकाशित इस अध्ययन में 2010 से 2016 तक छह साल की अध्ययन अवधि में 56 वर्ष और उससे अधिक आयु के 3,600 से अधिक वयस्कों के रक्त के नमूनों का विश्लेषण किया गया।

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