देश की खबरें | नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान ‘धक्का-मुक्की’ में घायल हुईं ममता बनर्जी, अस्पताल ले जाया गया

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नंदीग्राम/कोलकाता, 10 मार्च पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान ‘‘चार-पांच लोगों’’ द्वारा कथित रूप से धक्का दिये जाने की वजह से उनके एक पैर में चोट लगी है।

घटना शाम सवा छह बजे उस वक्त घटी जब बनर्जी रियापारा इलाके में एक मंदिर में प्रार्थना के बाद बिरूलिया जाने वाली थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी कार के बाहर खड़ी थी जिसका दरवाजा खुला था। मैं वहां से मंदिर में प्रार्थना कर रही थी। कुछ लोग मेरी कार के पास आए और दरवाजे को धक्का दिया। कार का दरवाजा मेरे पैर में लग गया।’’

बनर्जी ने आरोप लगाया कि जब वह कार में सवार हो रही थीं तो चार-पांच लोगों ने उन्हें धक्का दिया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि चोट लगने की वजह से उनके पैर में सूजन आ गयी और उन्हें बुखार जैसा लग रहा है। उन्होंने सीने में दर्द की भी शिकायत की।

उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि घटना के समय मौके पर कोई स्थानीय पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था।

बनर्जी को दर्द होने के कारण उनके सुरक्षाकर्मी उन्हें एसयूवी की आगे की सीट से पीछे की सीट पर ले गए। जिस पैर में सूजन आयी थी उस पर एक सफेद कपड़ा भी लपेटा हुआ दिखा।

इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गये हैं क्योंकि मुख्यमंत्री को ‘जेड-प्लस’ स्तर की सुरक्षा प्राप्त है।

बनर्जी रात में नंदीग्राम में रूकने वाली थीं लेकिन घटना के बाद उन्हें कोलकाता ले जाया गया।

पूर्वी मेदिनीपुर जिले में नंदीग्राम से कोलकाता ले जाने के लिए ‘ग्रीन कॉरिडोर’ भी बनाया गया। उन्हें इलाज के लिए सरकारी एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया।

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि बनर्जी के इलाज के लिए पांच वरिष्ठ डॉक्टरों की एक टीम बनायी गयी है। इस टीम में एक हृदय रोग विशेषज्ञ, एक इंडोक्रायनोलोजिस्ट, जनरल सर्जरी के डॉक्टर, एक हड्डी रोग विशेषज्ञ और एक मेडिसिन डॉक्टर हैं।

बनर्जी को एक स्ट्रैचर पर अस्पताल के भीतर ले जाया गया। उस समय तृणमूल के कई समर्थक भी मौजूद थे जो भाजपा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

अस्पताल के एक डॉक्टर ने पीटीआई- को बताया, ‘‘सबसे पहले हम स्वास्थ्य संबंधी मानकों को सामान्य करेंगे। उनके पैर का एक्स-रे भी करेंगे और देखेंगे कि उनके पैर में कितनी चोट आयी है। इसके बाद इलाज का फैसला करेंगे।’’

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