देश की खबरें | विपक्षी नेताओं की बैठक बुलाने का ममता का कदम एकपक्षीय, एकता को होगा नुकसान : येचुरी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव सीताराम येचुरी ने शनिवार को कहा कि एकजुट विपक्ष को राष्ट्रपति चुनाव से पहले एकत्रित करने का पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का ''एकतरफा'' प्रयास नुकसान ही पहुंचाएगा।

नयी दिल्ली, 11 जून मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव सीताराम येचुरी ने शनिवार को कहा कि एकजुट विपक्ष को राष्ट्रपति चुनाव से पहले एकत्रित करने का पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का ''एकतरफा'' प्रयास नुकसान ही पहुंचाएगा।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं को पत्र लिखकर उनसे राष्ट्रीय राजधानी में 15 जून को प्रस्तावित बैठक में भाग लेने का अनुरोध किया है, ताकि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के उत्तराधिकारी के लिए 18 जुलाई को होने वाले चुनाव के वास्ते एक संयुक्त रणनीति तैयार की जा सके ।

येचुरी ने कहा कि 15 जून को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन सहित विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं की बैठक का दिन पहले ही तय किया जा चुका है।

येचुरी ने कहा, ‘‘सोशल मीडिया से पता चला है कि मुझे भी एक पत्र भेजा गया है। आमतौर पर ऐसी बैठकें काफी आपसी विचार-विमर्श के बाद आयोजित की जाती हैं। परामर्श जारी था और एक समय और एक तारीख तय की गई थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ममता बनर्जी ने एकतरफा पत्र लिखा। यह बेहद असामान्य है। इसका मुख्य ध्यान अधिकतम विपक्षी दलों को एकजुट करने पर है, (लेकिन) कोई भी एकतरफा कार्रवाई केवल विपरीत प्रभाव डालेगी तथा विपक्षी एकता को नुकसान पहुंचाएगी।’’

सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी नेता बनर्जी के इस कदम से खुश नहीं हैं और उन्हें लगता है कि टीएमसी प्रमुख द्वारा अन्य वरिष्ठ नेताओं को पछाड़ने और खुद को भाजपा-विरोधी मोर्चे के नेता के रूप में पेश करने का यह एक और प्रयास है।

सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बैठक की तारीख पर विमर्श का हिस्सा नहीं थीं, लेकिन उसी दिन बैठक आहूत करने के अनुरोध पत्र से नता हैरान हैं कि आखिर उन्हें बैठक का विवरण कैसे पता?

कुछ नेताओं ने आश्चर्च व्यक्त किया कि स्टालिन, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव या आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी तृणमूल प्रमुख की अध्यक्षता में आहूत विपक्ष की बैठक में क्यों शामिल होंगे।

एक भाजपा विरोधी पार्टी के एक अन्य नेता ने भी कहा कि बनर्जी का यह कदम विपक्षी एकता में दरार उजागर करके भाजपा की मदद कर रहे हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें