देश की खबरें | महाराष्ट्र: ईंधन की बढ़ती कीमत से परेशान व्यक्ति ने घोड़े से जाना किया शुरू

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते लागू किए गए प्रतिबंधों के दौरान मोटरसाइकिल के रख-रखाव में आ रही दिक्कतों और ईंधन की बढ़ती कीमतों से परेशान एक व्यक्ति ने अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए आवागमन के पुराने जमाने के एक तरीके का इस्तेमाल करने का फैसला किया और घोड़े से अपने कार्यस्थल जाना शुरू किया।

औरंगाबाद (महाराष्ट्र), 27 मार्च कोविड-19 वैश्विक महामारी के चलते लागू किए गए प्रतिबंधों के दौरान मोटरसाइकिल के रख-रखाव में आ रही दिक्कतों और ईंधन की बढ़ती कीमतों से परेशान एक व्यक्ति ने अपनी समस्याओं से निजात पाने के लिए आवागमन के पुराने जमाने के एक तरीके का इस्तेमाल करने का फैसला किया और घोड़े से अपने कार्यस्थल जाना शुरू किया।

औरंगाबाद में डीजल के दाम 100 रुपए प्रति लीटर से कुछ ही पैसे कम हैं और पेट्रोल के दाम 115 रुपए प्रति लीटर से पार चले गए हैं।

पेट्रोल की कीमत में रविवार को 50 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 55 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, जिससे एक हफ्ते से भी कम समय पहले दैनिक मूल्य संशोधन फिर से शुरू होने के बाद से दरों में कुल वृद्धि 3.70-3.75 रुपये प्रति लीटर हो गई।

ईंधन के बढ़ते दाम से परेशान शेख युसुफ ने मोटरसाइकिल त्यागकर अपने घर से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित अपने कार्यस्थल पर घोड़े से जाना शुरू किया है। उन्होंने कोविड-19 के कारण लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान ऐसा करना शुरू किया था।

युसुफ ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘लॉकडाउन के बाद गैराज लंबे समय तक बंद रहे और मोटरसाइकिल का रख-रखाव एक समस्या बन गया था। इसके अलावा ईंधन के दाम भी बढ़ रहे हैं, इसलिए मैंने अपने वाहन को अलग रख दिया और एक काठियावाड़ी घोड़ा खरीदा।’’

उन्होंने बताया कि वह अब (घर और कार्यस्थल के बीच) रोज 30 किलोमीटर की यात्रा घोड़े से करते हैं और घर का सामान लेने एवं पारिवारिक समारोहों में भी घोड़े पर ही बैठकर जाते हैं।

युसुफ ने कहा, ‘‘घोड़े से यात्रा करना मोटरसाइकिल से सफर करने की तुलना में निश्चित ही सस्ता है। इसके अलावा मोटरसाइकिल पर यात्रा करते समय, हम केवल यूं ही घूमते रहते हैं, क्योंकि इसे चालू करने के लिए केवल एक किक की आवश्यकता होती है, लेकिन कहीं आने-जाने के लिए घोड़े का इस्तेमाल करते हुए हम उसकी सेहत और अपने स्वास्थ्य के बारे में भी सोचते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं घोड़े पर सवार होकर कहीं जाता हूं, तो महंगी कारों में यात्रा कर रहे बच्चे कभी-कभी मेरी ओर हाथ हिलाते हैं और मुझे अच्छा लगता है।’’

उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतें कम होने पर ही विभिन्न वस्तुओं के बढ़ते दाम को काबू किया जा सकता है।

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