देश की खबरें | महाराष्ट्र सरकार ने सुधा भारद्वाज की जमानत याचिका का विरोध किया

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मुंबई, 15 जुलाई महाराष्ट्र सरकार ने एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज की जमानत याचिका का बंबई उच्च न्यायालय में बृहस्पतिवार को विरोध करते हुए कहा कि एक निचली अदालत के अधिकारक्षेत्र के बारे में उनकी दलील गलत है।

भारद्वाज सितंबर 2018 से जेल में हैं। उन्होंने इस तकनीकी आधार पर जमानत का अनुरोध किया था कि जिस अदालत ने शुरूआत में आरोपपत्र का संज्ञान लिया था, उसके पास ऐसा करने की शक्ति ही नहीं थी।

महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने दलील दी कि इस मामले में गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (यूएपीए) लगाया गया था और मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने 2020 मे अपने हाथ में ले ली थी। उन्होंने कहा कि एनआईए ने जब इसकी जांच की जिम्मेदारी संभाली तभी से यह मामला एक विशेष अदालत के दायरे में आ गया था।

उन्होंने कहा कि तब पुणे की सत्र अदालत के पास अधिकार क्षेत्र था।

उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा दी गई दलील गलत है।

न्यायामूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जमादार की पीठ 23 जुलाई को याचिका की सुनवाई जारी रखेगी।

भारद्वाज के मुताबिक, पुणे की जिस अदालत ने उन्हें और आठ अन्य को पुलिस हिरासत में भेजा था, उसके पास यूएपीए मामले के तहत सुनवाई की शक्ति नहीं थी।

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