देश की खबरें | महाराष्ट्र साइबर प्रकोष्ठ ने कॉमेडियन समय रैना को 18 फरवरी को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र साइबर प्रकोष्ठ के साइबर एवं सूचना सुरक्षा प्रभाग ने कॉमेडियन समय रैना के आनलाइन बयान दर्ज कराने के अनुरोध को खारिज कर दिया और 18 फरवरी को पेश होने के लिये कहा है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
मुंबई, 17 फरवरी महाराष्ट्र साइबर प्रकोष्ठ के साइबर एवं सूचना सुरक्षा प्रभाग ने कॉमेडियन समय रैना के आनलाइन बयान दर्ज कराने के अनुरोध को खारिज कर दिया और 18 फरवरी को पेश होने के लिये कहा है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया और अन्य के खिलाफ दर्ज मामले की जांच एजेंसी कर रही है। इलाहाबादिया ने समय रैना के वेब शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता और सेक्स को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
अधिकारी ने बताया कि अमेरिका में अपने शो के लिए मौजूद समय रैना ने महाराष्ट्र साइबर प्रकोष्ठ से अनुरोध किया था कि उसका बयान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए दर्ज किया जाए, लेकिन एजेंसी ने इसे अस्वीकार कर दिया।
उन्होंने बताया कि रैना को 18 फरवरी को एजेंसी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है।
इससे पहले, मुंबई पुलिस ने भी रैना को 17 फरवरी से पहले पूछताछ के लिए खार पुलिस थाने में पेश होने के लिए कहा था और रैना ने विदेश में अपने शो के बारे में जानकारी दी थी।
मुंबई पुलिस ने इलाहाबादिया के निवास पर बयान दर्ज करने के अनुरोध को भी खारिज कर दिया था और उसे व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा था।
मुंबई और असम पुलिस के साथ-साथ महाराष्ट्र साइबर विभाग को भी इलाहाबादिया का बयान दर्ज करना है। रणवीर इलाहाबादिया यूट्यूब पर अपने 'बीयरबाइसेप्स' चैनल के लिए लोकप्रिय हैं।
प्रकोष्ठ ने इस मामले में कम से कम 50 लोगों को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। इनमें शो से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि इस मामले की जांच कर रही असम पुलिस की एक टीम रविवार को आरोपियों के घर पर नोटिस देने के बाद वापस लौट गई।
उन्होंने कहा कि असम पुलिस ने सभी आरोपियों को गुवाहाटी में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा है।
अधिकारी के अनुसार, कई आरोपी अपने बयान दर्ज कराने के लिए उपलब्ध नहीं थे जिसके बाद असम पुलिस की टीम ने उन्हें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएस) की धारा 35 (3) के तहत नोटिस जारी किया।
उन्होंने बताया कि अगर आरोपी गुवाहाटी में पेश नहीं होते हैं तो असम पुलिस की टीम आगे की कार्रवाई के लिए दोबारा मुंबई आ सकती है।
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