ताजा खबरें | महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख ने जाति गणना कराने का स्वागत किया, आरक्षण सीमा हटाने की मांग
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने बुधवार को आगामी जनगणना में जाति गणना को शामिल करने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह कदम सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं रहना चाहिए और इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
छत्रपति संभाजीनगर, 30 अप्रैल महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने बुधवार को आगामी जनगणना में जाति गणना को शामिल करने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह कदम सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं रहना चाहिए और इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
सपकाल ने मांग की कि केंद्र आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाने पर विचार करे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मराठी समाचार चैनल ‘एबीपी माझा’ पर कहा, “ अगर केंद्र सरकार ने जाति आधारित जनगणना कराने का फैसला किया है तो यह स्वागत योग्य कदम है, लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए, इसे बिना देरी के लागू किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "सरकार को आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाने पर भी विचार करना चाहिए।”
सपकाल ने व्यंग्यात्मक लहजे में सुझाव दिया कि सरसंघचालक (आरएसएस प्रमुख) का पद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय से किसी को दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना की मांग जायज है, खासकर तब जब देश भर में विभिन्न समुदाय आरक्षण की मांग कर रहे हैं।
सपकाल ने कहा, "अगर यह फैसला नहीं लिया जाता, तो इससे समाज में अशांति फैल सकती थी।"
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने छत्रपति संभाजीनगर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना की, जिसने हाल में अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे किए हैं।
बढ़ते अपराध को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रशासन में राज्य के साथ "आका", "खोक्या’ और "कोयता (एक प्रकार की कुल्हाड़ी) गिरोह" जैसे शब्द जुड़ गए हैं।
सपकाल ने फसल बीमा योजना को लेकर भी सरकार की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया, ''महाराष्ट्र में फसल बीमा योजना काफी समय पहले शुरू की गई थी और हालांकि इसमें अब भी कई कमियां हैं, लेकिन राज्य सरकार दोषपूर्ण तकनीकों के आधार पर एक नयी योजना लागू कर रही है।''
राज्य सरकार ने मंगलवार को एक रुपये की फसल बीमा योजना को खत्म करने को मंजूरी दे दी और एक नयी योजना की घोषणा की जिसके तहत किसानों को बीमित राशि का 1.5 से दो प्रतिशत तक प्रीमियम देना होगा।
राज्य सरकार के 100 दिन पूरे होने पर सपकाल ने कहा कि स्वर्गेट (बस में बलात्कार) जैसी घटनाएं बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती हैं।
उन्होंने सरकार पर 'लाडकी बहिन' योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाले मासिक भत्ते को बढ़ाकर 2,100 रुपये करने का झूठा वादा कर उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया।
सपकाल ने कहा, "सत्तारूढ़ गठबंधन के सहयोगियों के बीच स्पष्ट रूप से अहंकार का टकराव है - यह एक 'ट्रिपल इंजन गैंग' सरकार है, और जब तक वे सत्ता में रहेंगे, ऐसी अराजकता जारी रहेगी।"
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