देश की खबरें | उपराज्यपाल ने तीन नये आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा की

नयी दिल्ली, चार नवंबर दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने तीन नये आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की सोमवार को समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कानूनों के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और कार्यबल के लिए निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन करें।

उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि चिकित्सा-कानूनी, पुलिस, सूचना प्रौद्योगिकी और न्यायिक प्राणाली से जुड़े बुनियादी ढांचे में अब तक संतोषजनक प्रगति हुई है।

उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘माननीय मुख्यमंत्री आतिशी के साथ, तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आठवीं बैठक की अध्यक्षता की।’’

सक्सेना ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) दूरगामी कानून हैं जिनका उद्देश्य आम नागरिक के लाभ के लिए क्रूर औपनिवेशिक शासन से मिले कानूनों को सरल बनाना है।

उन्होंने कहा, “उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे तीन नये अपराधिक कानूनों के सुचारू कार्यान्वयन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और कार्यबल को उन्नत करने और बढ़ाने के लिए निर्धारित समयसीमा का सख्ती से पालन करें।’’

देश में औपनिवेशिक शासन के भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को हटाकर बीएनएस, बीएनएसएस और बीएसए को एक जुलाई से लागू किया गया था।

प्रीति अविनाश

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