देश की खबरें | लोकसभा ने वर्ष 2022-23 के लिए 1.48 लाख करोड़ रूपये की अनुपूरक मांगों को बिना चर्चा मंजूरी दी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. लोकसभा ने मंगलवार को हंगामे के बीच अनुपूरक अनुदान मांग के तहत चालू वित्त वर्ष (2022-23) में 1.48 लाख करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त व्यय करने को बिना चर्चा मंजूरी प्रदान कर दी।
नयी दिल्ली, 21 मार्च लोकसभा ने मंगलवार को हंगामे के बीच अनुपूरक अनुदान मांग के तहत चालू वित्त वर्ष (2022-23) में 1.48 लाख करोड़ रुपये से अधिक अतिरिक्त व्यय करने को बिना चर्चा मंजूरी प्रदान कर दी।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 13 मार्च को लोकसभा में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अनुपूरक मांग की दूसरी किस्त संबंधी दस्तावेज पेश किया था।
अनुपूरक मांग के अनुसार, “संसद की मंजूरी 2,70,508.89 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय के लिए मांगी गई। इस प्रस्ताव में 1,48,133.23 करोड़ रुपये का शुद्ध नकद व्यय और मंत्रालयों/विभागों की बचत या बढ़ी हुई प्राप्तियों/वसूली को लेकर कुल मिलाकर 1,22,374.37 करोड़ रुपये का सकल अतिरिक्त व्यय शामिल है।”
आज निचले सदन ने हंगामे के बीच वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अनुपूरक मांग की दूसरी किस्त एवं संबंधित विनियोग विधेयक को बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से मंजूरी प्रदान कर दी।
इसके तहत अतिरिक्त व्यय में लगभग 36,325 करोड़ रुपये उर्वरक सब्सिडी और 25,000 करोड़ रुपये दूरसंचार विभाग के लिए है। उर्वरक सब्सिडी में 21,000 करोड़ रुपये फॉस्फोरस और पॉटेशियम (पी एंड के) और 15,325.36 करोड़ रुपये यूरिया के लिए है।
अनुपूरक मांग के अनुसार, अन्य 33,718 करोड़ रुपये रक्षा पेंशन खर्च को पूरा करने के लिए है, जिसमें विशेष रूप से वन रैंक वन पेंशन (ओआरओपी) योजना का बकाया भुगतान है।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति कोष में अतिरिक्त हस्तांतरण के लिए 33,506 करोड़ रुपये की आवश्यकता आंकी गई है।
ज्ञात हो कि संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के प्रारंभ से ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा भारत के लोकतंत्र को लेकर लंदन में दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और अडाणी समूह से जुड़े मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग को लेकर कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों के सदस्य लोकसभा में शोर-शराबा कर रहे हैं।
दीपक
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)