देश की खबरें | ‘मुख्यमंत्री रहते कमलनाथ फिल्म पुरस्कारों में थे व्यस्त, महामारी की रोकथाम के लिए एक बैठक नहीं की’

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की पिछली कांग्रेस सरकार में जब कोरोना महामारी शुरू हो रही थी तब तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ एक फिल्म पुरस्कार कार्यक्रम आयोजित करने में और अभिनेता सलमान खान और जैकलीन फर्नांडिस के साथ फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे।

खंडवा (मप्र), 25 अक्टूबर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की पिछली कांग्रेस सरकार में जब कोरोना महामारी शुरू हो रही थी तब तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ एक फिल्म पुरस्कार कार्यक्रम आयोजित करने में और अभिनेता सलमान खान और जैकलीन फर्नांडिस के साथ फोटो खिंचवाने में व्यस्त थे।

खंडवा लोकसभा सीट पर 30 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में सोमवार को यहां एक रैली को संबोधित करते हुए सिंधिया ने दावा किया कि कमलनाथ ने 2020 की शुरुआत में मुख्यमंत्री के तौर पर कोरोना महामारी के संकट पर एक भी बैठक नहीं की।

सिंधिया ने कहा, ‘‘कमलनाथ आईफा पुरस्कार की बैठकों में व्यस्त थे। उनके पास सलमान खान और जैकलीन फर्नांडिस के साथ फोटो खिंचवाने का समय था, लेकिन उन्होंने कोविड-19 की रोकथाम के लिए कोई प्रयास नहीं किया।’’

कांग्रेस छोड़ मार्च 2020 में भाजपा में शामिल हुए सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस की खराब स्थिति के बारे में सभी को पता है और यही कारण है कि इसके सदस्य भाजपा में शामिल हो रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भाजपा की एक मजबूत राष्ट्रीय विचारधारा है।

उन्होंने कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने लोगों के लिए कुछ नहीं किया।

सिंधिया ने कहा, ‘‘तब जब मैंने मुख्यमंत्री (तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ) से कहा कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो मैं सड़क पर उतरुंगा, तो उन्होंने मुझे यह करने के लिए कहा। तो मैं न केवल सड़क पर उतरा बल्कि कमलनाथ सरकार को भी सड़क पर ले आया।’’

मध्य प्रदेश में मार्च 2020 में सिंधिया समर्थक कांग्रेस विधायकों द्वारा पाला बदल भाजपा में शामिल होने के बाद कमलनाथ की 15 माह पुरानी सरकार अल्पमत में आकर गिर गई थी।

सिंधिया ने याद करते हुए कहा कि उनकी दादी स्वर्गीय विजयाराजे सिंधिया ने 1968 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डीपी मिश्रा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के साथ ऐसा ही किया था। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भी लोगों से किए गए वादे पूरे नहीं होते हैं, तो उनका परिवार लड़ता है।

सिंधिया ने आरोप लगाया कि कमलनाथ ने राज्य सचिवालय को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था और उनका 15 महीने का शासन विकास रहित था। इसमें लोगों को बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया।

मध्य प्रदेश के खंडवा लोकसभा सीट के अलावा जोबट, रैगांव और पृथ्वीपुर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना हैं। उपचुनाव के तहत 30 अक्टूबर को मतदान होगा और दो नवंबर को मतों की गणना होगी।

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