जेईई-मेन्स परीक्षा 18-23 जुलाई तक, जेईई-एडवांस्ड अगस्त में और नीट परीक्षा 26 जुलाई को होगी : निशंक

कोविड-19 से मुकाबला के लिये लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण ये दोनों परीक्षाएं टाल दी गई थीं ।

जमात

नयी दिल्ली, पांच मई मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मंगलवार को घोषणा की कि इंजीनियरिंग संकाय में प्रवेश के लिये जेईई-मेन्स परीक्षा 18-23 जुलाई तक होगी जबकि मेडिकल संकाय में प्रवेश के लिये नीट परीक्षा 26 जुलाई को आयोजित होगी ।

कोविड-19 से मुकाबला के लिये लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण ये दोनों परीक्षाएं टाल दी गई थीं ।

वेबिनार के जरिये देशभर के छात्रों से संवाद के दौरान निशंक ने कहा, ‘‘जेईई-मेन्स परीक्षा 18-23 जुलाई तक आयोजित होगी जबकि जेईई-एडवांस्ड परीक्षा अगस्त में होगी। नीट परीक्षा 26 जुलाई को आयोजित होगी।’’

उन्होंने छात्रों से कहा कि छात्र परेशान न हों और जो समय मिला है, उसमें अच्छे से तैयारी करें।

गौरतलब है कि देशभर में इस साल 16 लाख छात्र नीट परीक्षा देने के लिये पंजीकृत हैं, जबकि जेईई-मेन्स के लिये 9 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण कराया है ।

एचआरडी मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने छात्रों को इन दो परीक्षाओं के लिये चुने गए परीक्षा केंद्र में बदलाव करने का विकल्प दिया है, क्योंकि काफी छात्र लॉकडाउन के कारण दूसरे स्थानों पर चले गए हैं ।

यूजीसी नेट परीक्षा के बारे में एक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि जून के बाद कई परीक्षाओं का कार्यक्रम बन सकता है।

यह पूछे जाने पर कि कॉलेज कब खुलेंगे और स्नातक परीक्षाएं कब आयोजित की जाएंगी, इस पर मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा का अकादमिक कैलेंडर जारी किया गया है और अंतिम सेमेस्टर के छात्रों के लिये परीक्षा जुलाई में आयोजित की जायेगी। अगस्त से नया सत्र शुरू कर सकेंगे ।

उन्होंने कहा कि इस बारे में कुलपतियों एवं अन्य से संवाद में यह कहा गया कि कोविड-19 के मद्देनजर किस स्थान पर क्या परिस्थिति है, इस पर ध्यान दें ।

वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्री निशंक ने स्पष्ट किया कि 10वीं कक्षा की लंबित बोर्ड परीक्षा केवल उत्तर पूर्व दिल्ली के लिये आयोजित की जाएगी, पूरे देश के लिये नहीं ।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पिछले महीने ही इस संबंध में अधिसूचित किया था लेकिन छात्रों एवं अभिभावकों में इसको लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।

निशंक ने छात्रों के साथ आनलाइन माध्यम से संवाद के दौरान कहा, ‘‘उत्तर पूर्व दिल्ली के छात्रों के अलावा 10वीं कक्षा की लंबित बोर्ड परीक्षा पूरे देश के स्तर पर आयोजित नहीं होंगी। परीक्षा की तैयारी के लिये छात्रों को 10 दिनों का समय दिया जायेगा।’’

मंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर पूर्व दिल्ली के छात्रों को उन विषयों की परीक्षा में फिर से उपस्थित होने की जरूरत नहीं है, जिनकी पहले वे परीक्षा दे चुके हैं ।

उन्होंने कहा, ‘‘ये परीक्षाएं उन छात्रों के लिये आयोजित की जा रही हैं, जो कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के कारण निर्धारित कार्यक्रम के दौरान परीक्षा नहीं दे पाए थे। नये कार्यक्रम की घोषणा एक-दो दिनों में की जायेगी।’’

गौरतलब है कि कोविड-19 के कारण पूरे देश के स्कूल, विश्वविद्यालय 16 मार्च से बंद हैं और परीक्षाएं टाल दी गई हैं। इसके बाद 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की गई और इसे बढ़ाकर 17 मई तक कर दिया गया है ।

सीबीएसई बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने पहले ही अप्रैल में घोषणा की थी कि 10वीं और 12वीं बोर्ड की लंबित 29 महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षाएं ही ली जायेंगी, लेकिन 10वीं कक्षा में केवल वैकल्पिक विषयों की परीक्षाएं ही ली जानी शेष थी और इनका आयोजन नहीं किया जायेगा ।

उन्होंने कहा कि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति के कारण उत्तर पूर्व दिल्ली में कुछ महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा टाल दी गई थी और इनका यहां आयोजन किया जायेगा ।

आनलाइन माध्यम से पठन पाठन के कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई ओं में आनलाइन पाठ्य सामग्री उपलब्ध है। दीक्षा पोर्टल पर भी सामग्री उपलब्ध है । इसके अलावा ई-पाठशाला के माध्यम से आकर्षक पाठ्यसामग्री उपलब्ध है। इसमें 2000 वीडियो, 1886 आडियो और 996 ई-पुस्तकें शामिल हैं।

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