देश की खबरें | जम्मू कश्मीर : हीरक जयंती मनाने के लिए एयर शो में राफेल, चिनूक ने लिया हिस्सा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के एयर ऑफिसर कमांडिंग (एओसी) के मुख्यालय में हीरक जयंती समारोह के अवसर पर एक एयर शो के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों और लड़ाकू हेलीकॉप्टरों ने उधमपुर में अपने करतबों से वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
उधमपुर/जम्मू, 12 अक्टूबर जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के एयर ऑफिसर कमांडिंग (एओसी) के मुख्यालय में हीरक जयंती समारोह के अवसर पर एक एयर शो के दौरान भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों और लड़ाकू हेलीकॉप्टरों ने उधमपुर में अपने करतबों से वहां मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अधिकारियों ने कहा कि कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, एएन-32 से आकाशगंगा की एक टीम द्वारा आसमान से छलांग लगाकर ‘फ्लाई पास्ट’ की शुरुआत की गई। इसके बाद जगुआर, मिग-29, सुखोई-30 और राफेल विमानों द्वारा हवाई युद्धाभ्यास और विभिन्न संरचनाएं पेश की गईं।
उधमपुर वायुसैनिक अड्डे पर हुए अपनी तरह के इस पहले आयोजन में अपाचे, एमआई-17 और चिनूक हेलीकॉप्टरों ने अपने हवाई करतबों से लोगों को चौंका दिया।
वायुसेना की पश्चिमी कमान के एयर-ऑफिसर-कमांडिंग-इन-चीफ, एयर मार्शल श्रीकुमार प्रभाकरन ने पिछले 60 वर्षों में हिमालय पर प्रभुत्व रखने के लिए जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के एओसी मुख्यालय की भूमिका की सराहना की।
उत्तरी कमान के जनरल-ऑफिसर-कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी , जम्मू कश्मीर और लद्दाख एयर ऑफिसर कमांडिंग एयर वाइस मार्शल प्रवीण केशव वोहरा और वायुसेना, सेना तथा नागरिक प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद थे।
प्रभाकरन ने कहा, “मुख्यालय एओसी जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के हीरक जयंती समारोह के हिस्से के रूप में मकसद हिमालय पर प्रभुत्व कायम रखना है और यही वे पिछले 60 वर्षों से कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर एओसी की स्थापना 1962 में हुई थी और यह 1964 में यहां उधमपुर आ गया था।”
उन्होंने कहा कि मुख्यालय एओसी दिल्ली स्थित वायुसेना के पश्चिमी कमान और सेना की उत्तरी कमान के बीच संपर्क के तौर पर काम करता है।
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