देश की खबरें | आईटीबीपी को आंतरिक सुरक्षा दायित्व सौंपे जाने की उम्मीद नहीं, 60 कंपनियां एलएसी पर भेजी गईं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. चीन के साथ लद्दाख में गतिरोध के मद्देनजर भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 60 से ज्यादा कंपनियों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनात किया जा रहा है, ऐसे में निकट भविष्य में इस अर्धसैनिक बल को आंतरिक सुरक्षा संबंधी कार्य सौंपे जाने की उम्मीद नहीं है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, सात जुलाई चीन के साथ लद्दाख में गतिरोध के मद्देनजर भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 60 से ज्यादा कंपनियों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनात किया जा रहा है, ऐसे में निकट भविष्य में इस अर्धसैनिक बल को आंतरिक सुरक्षा संबंधी कार्य सौंपे जाने की उम्मीद नहीं है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने कहा कि बल को जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय से नौ नई बटालियन के गठन की मंजूरी दिये जाने की भी तैयारी है।
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उन्होंने कहा कि चीन के साल लगने वाली 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा पर जवानों की संख्या बढ़ाने के लिये 60 कंपनियों को लद्दाख, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में सीमा की ओर जाने को कहा गया है।
आईटीबीपी की एक कंपनी में करीब 100 कर्मी होते हैं।
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उन्होंने कहा कि 60 कंपनियों में से 40 कंपनियां पहले ही विभिन्न राज्यों में सीमा बटालियन शिविरों में पहुंच गई हैं और जवान सीमा पर भेजे जाने से पहले वहां की जलवायु में ढलने के साथ ही कोरोना पृथक-वास की अवधि पूरी कर रहे हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इन इकाइयों को आंतरिक सुरक्षा के विभिन्न दायित्वों से हटाया गया है जिन्हें ये अब तक अंजाम दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में आईटीबीपी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की सहायता करने, विभिन्न त्योहारों के दौरान तैनाती और बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों जैसे आंतरिक सुरक्षा के कार्यों में तैनात किये जाने की उम्मीद नहीं है क्योंकि उनकी अधिकतम मौजूदगी की जरूरत एलएसी से लगे अग्रिम इलाकों में है।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार और बटालियन गठित किये जाने पर भी विचार कर रही है जिससे अगले दो सालों में उन्हें तैयार कर संचालन के लिये तैयार किया जा सके।
दो नई कमान चंडीगढ़ (पश्चिमी कमान) और गुवाहाटी (पूर्वी कमान) की हालिया मंजूरी के साथ ही बल में ज्यादा कर्मियों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अर्धसैनिक बल की 8-9 नई बटालियन (एक बटालियन में करीब 1000 कर्मी होते हैं) गठित करने का प्रस्ताव केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास विचारार्थ है और इसपर जल्द ही फैसला लिये जाने की उम्मीद है।
आईटीबीपी के पास फिलहाल 34 सीमा बटालियन हैं और चीन के साथ लगी एलएसी पर उसकी 180 चौकियां हैं।
पहाड़ों पर युद्ध के लिये प्रशिक्षित बल में कुल 60 संचालित बटालियन हैं जिनमें 56 नियमित इकाइयां हैं और चार परिवहन और हथियार से जुड़ी साजोसामान से संबद्ध।
इन 60 बटालियन में से आठ इकाइयां छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों में नक्सल विरोधी अभियान में तैनात हैं।
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