ईटानगर, 27 सितंबर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के हवाले करने का फैसला लिया है।
गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) द्वारा 26 और 27 अगस्त को आयोजित सहायक अभियंता (सिविल) परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हो गया था।
राज्यपाल ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) डॉ. बी.डी. मिश्रा ने मंगलवार को मामले के संबंध में सीबीआई जांच की सिफारिश करने के राज्य सरकार के फैसले की सराहना की।
पुलिस ने उक्त मामले के संबंध में अब तक परीक्षा के उपसचिव सह-परीक्षा उपनियंत्रक ताकेत जेरंग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
सुबनसिरी जिले के जीरो में संवाददाताओं से बातचीचत में खांडू ने कहा कि राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा, ''एपीपीएससी को राज्य का सर्वोच्च भर्ती संस्थान माना जाता है। इस तरह के भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।''
खांडू ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक मामले के कारण नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों के मनोमस्तिष्क पर एपीपीएससी और सरकार की नकारात्मक छवि बनी है।
उन्होंने कहा, ''भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने एपीपीएससी की मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) की जांच के मकसद से एक समिति का गठन किया है। इस मामले में रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाएगी।
राज्यपाल ने यहां राजभवन में मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के राज्य सरकार के कदम की सराहना की।
राजभवन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मिश्रा ने एपीपीएससी की प्रतिष्ठा को दोबारा स्थापित करने के मकसद से इसे सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस दौरान मिश्रा और खांडू ने नौ अक्टूबर को गुवाहाटी में पूर्वोत्तर परिषद की आगामी बैठक में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री के साथ अपनी बैठक का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया।
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