जरुरी जानकारी | उद्योग देश के कार्यबल के कौशल विकास में निवेश करे: प्रधान

नयी दिल्ली, 27 सितंबर केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार को उद्योग से देश के कार्यबल के प्रशिक्षण और उन्हें हुनरमंद बनाने के लिये निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कौशल और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों का सामूहिक प्रयास जरूरी है।

उद्योग मंडल फिक्की के वैश्विक कौशल शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा, ‘‘हम ताली दो हाथ से ही बजा सकते हैं, एक से नहीं। इसका मतलब है कि उद्योग को कार्यबल के कौशल विकास की दिशा में और अधिक काम करने की आवश्यकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं यहां उद्योग की कम भागीदारी देख रहा हूं। मैं प्रशिक्षण भागीदारों और लाभार्थियों को देख रहा हूं, लेकिन उद्योग कहां है?’’

प्रधान ने कहा कि केंद्र भारत को दुनिया का विनिर्माण केंद्र बनाने के लिये विभिन्न प्रोत्साहनों को लागू करने को लेकर बड़ी राशि खर्च कर रहा है। लेकिन यह तभी संभव होगा जब देश में कुशल कार्यबल होगा और इसीलिए उद्योग को भी आगे आने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना जैसे विभिन्न सुधार कार्यक्रम क्यों पेश कर रही है? हम प्रति क्षेत्र लाखों करोड़ खर्च कर रहे हैं क्योंकि हम भारत को दुनिया का विनिर्माण केंद्र बनाना चाहते हैं।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘यह तभी संभव होगा जब हमारे पास कुशल कार्यबल होगा। सरकार आपको (उद्योग) विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन दे रही है और कौशल और प्रशिक्षण क्षमता निर्माण पर भी काफी खर्च कर रही है। उद्योग को भी अपनी ओर से आगे आना चाहिए।’’

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही डिजिटल विश्वविद्यालयों के लिये एक रूपरेखा तैयार करेगी।

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