नयी दिल्ली, 11 जुलाई भारत ने मालदीव के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले 16वीं शताब्दी के नायक सुल्तान मोहम्मद ठाकुरूफानू के लकड़ी से निर्मित आवास ‘उथिमू महल’ के संरक्षण कार्य के लिए मंगलवार को सहमति व्यक्त कर दी ।
मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद की भारत यात्रा के दौरान आज इस बारे में दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। शाहिद ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की ।
हैदराबाद हाउस में शाहिद के साथ बैठक के बाद जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ हमारे विकास गठजोड़ में ठोस प्रगति की जानकारी से उत्साहित हूं। यह सीधे तौर पर आर्थिक वृद्धि और हमारे पड़ोसी के सामाजिक कल्याण में योगदान है।’’
विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने शाहिद के साथ हिन्द महासागर क्षेत्र में स्थिरता एवं समृद्धि तथा दोनों देशों के अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए गठजोड़ को लेकर अपना रूख साझा किया।
जयशंकर ने कहा, ‘‘ पड़ोस प्रथम और क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा एवं वृद्धि (सागर) पहल के लिए एक अच्छा दिन रहा।’’
वहीं, शाहिद ने कहा कि दोनों पक्षों ने उच्च प्रभाव वाली सामुदायिक विकास योजना के दूसरे चरण के तहत नौ सहमति पत्रों का आदान प्रदान किया।
मालदीव के विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘ मालदीव की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए उथिमू महल की छत के संरक्षण एवं महल के आसपास के क्षेत्रों के विकस की परियोजना को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग के महत्व को रेखांकित करता है।’’
उन्होंने कहा कि अस्पतालों के उन्नयन, स्कूलों के डिजिटलीकरण, कम्प्यूटर लैब स्थापित करने, स्ट्रीट लाइट और मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए भी एमओयू पर हस्ताक्षर किये गए।
शाहिद ने कहा कि उन्होंने जयशंकर के साथ मालदीव को मजबूत बनाने तथा अनुदान एवं ऋण योजनाओं से जुड़ी परियोजनाओं के बारे में चर्चा की।
उन्होंने कहा कि देश के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए भारत की ओर से प्रदान की जा रही सहायता के लिए मालदीव हमेशा आभारी रहेगा।
दीपक
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