नयी दिल्ली, 23 अप्रैल अमेरिका में आव्रजन पर 60 दिनों के लिये अस्थायी रूप से रोक लगाने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासकीय आदेश और भारतीयों पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभाव का भारत सरकार अध्ययन कर रही है। सरकारी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
एक सूत्र ने बताया, ‘‘दोनों देशों की जनता के स्तर पर संपर्क, दोनों देशों के बीच संबंध की आधारशिला है और हमें उम्मीद है कि यह जारी रहेगा।’’
बहरहाल, यह अभी पता नहीं चल पाया है कि कितनी संख्या में भारतीय इस आदेश से प्रभावित हो सकते हैं। इस आदेश का उन लोगों पर प्रभाव पड़ने की संभावना है जो अमेरिका में स्थायी निवास के लिये आवेदन दे रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के शासकीय आदेश में कहा गया है कि आव्रजन को अस्थायी रूप से निलंबित किये जाने से उन लोगों पर प्रभाव पड़ेगा, जो रोजगार के लिये अमेरिका में कानूनन प्रवेश करना चाहते हैं। हालांकि, इसका प्रभाव उन लोगों पर नहीं पड़ेगा जो पहले से वहां रह रहे हैं।
ट्रंप ने बुधवार को कहा, ‘‘हमारे महान अमेरिकी कामगारों का संरक्षण करने की खातिर मैंने अभी-अभी एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किया है जो अमेरिका में आव्रजन को अस्थायी रूप से निलंबित करता है।’’
आदेश के मुताबिक चिकित्सक और नर्स के रूप में काम करने के लिये आना चाह रहे लोगों और निवेशकों को पाबंदियों से छूट मिलेगी।
व्हाइट हाउस ने इस कदम को अस्थायी रोक बताया है जिसकी मौजूदा संकट मांग करती है और जिसका सामना अमेरिका कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर कर रहा है।
व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा, ‘‘यह रोक 60 दिनों के लिये प्रभावी रहेगी और ट्रंप प्रशासन श्रम बाजार की निगरानी जारी रखेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर इस उदघोषणा में संशोधन या इसकी अवधि में विस्तार की जा सके।’’
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने 2019 में अमेरिका में 5,77,000 लोगों को वैध तरीके से स्थायी निवास की अनुमति दी।
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