नयी दिल्ली, 11 फरवरी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को देश को अवगत कराया कि पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों से सेनाओं को पीछे हटाए जाने को लेकर भारत और चीन के बीच सहमति बन गई है।
राज्यसभा में एक वक्तव्य के जरिए दोनों देशों के बीच हुए समझौते का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि चीनी सेना झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर -8 के पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखेगी तो दूसरी ओर भारतीय सेना फिंगर -3 के पास धन सिंह थापा चौकी पर बनी रहेगी।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि राजनाथ सिंह का यह बयान स्पष्ट करता है कि फिंगर-3 और फिंगर आठ के बीच का क्षेत्र भविष्य में तैनाती को लेकर किसी समझौते पर पहुंचने तक प्रभावी तौर पर ‘‘नो पेट्रोलिंग क्षेत्र’’ हो जाएगा।
ज्ञात हो कि चीनी सेना ने फिंगर-4 और फिंगर-8 के बीच के क्षेत्रों में बंकरों समेत कई विभिन्न निर्माण कार्यों का अंजाम दिया था और फिंगर-4 से आगे भारतीय सेना की पेट्रोलिंग पर रोक लगा दी थी। भारतीय सेना ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए प्रतिक्रिया व्यक्त की।
चीन के साथ नौ दौर की सैन्य वार्ता में भारत ने पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-4 से फिंगर-8 के बीच चीनी सेनाओं को हटाए जाने पर जोर दिया।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सुरक्षा केंद्र में सहायक प्रोफेसर डॉक्टर लक्ष्मण बेहेरा चीनी सेना के फिंगर-8 तक लौट जाने की घोषणा को अहम बताया।
उन्होंने पीटीआई- को बताया, ‘‘यह एक अहम कदम है। यह देर से हुआ लेकिन मेरा मानना है कि सेनाओं को हटाने की पूरी प्रक्रिया की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा।’’
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