पेरिस, 12 फरवरी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेरिस यात्रा के दौरान बुधवार को दोनों देशों द्वारा जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और फ्रांस ने 2025 में द्विपक्षीय सहयोग के लिए डिजिटल स्वास्थ्य, रोगाणुरोधी प्रतिरोध और स्वास्थ्य पेशेवरों के आदान-प्रदान को मुख्य प्राथमिकताओं के रूप में चिह्नित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने का आह्वान किया और हिंद-प्रशांत तथा विभिन्न वैश्विक मंचों एवं पहलों में अपनी भागीदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्धता जताई।
यहां बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने दोनों स्वास्थ्य मंत्रालयों के बीच सहयोग के लिए शुरू की गई अभूतपूर्व गति पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें पिछले जनवरी में भारत के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का पहला मिशन पेरिस में था।
बयान में कहा गया है, ‘‘डिजिटल स्वास्थ्य, एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध और स्वास्थ्य पेशेवरों के आदान-प्रदान को 2025 में द्विपक्षीय सहयोग के लिए मुख्य प्राथमिकताओं के रूप में चिह्नित किया गया है। दोनों नेताओं ने पेरिसेंट कैंपस और सी-कैंप (सेंटर फॉर मॉलिक्यूलर प्लेटफॉर्म) के बीच एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर और इंडो-फ्रेंच लाइफ साइंसेज सिस्टर इनोवेशन हब के निर्माण का स्वागत किया।’’
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने असाधारण रूप से मजबूत और बहुआयामी द्विपक्षीय सहयोग के संपूर्ण दायरे और वैश्विक एवं क्षेत्रीय मामलों पर द्विपक्षीय चर्चा की।
दोनों नेता मारसिए भी गए, जहां राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया, जो दोनों नेताओं के बीच उत्कृष्ट संबंधों को दर्शाता है।
उन्होंने मारसिए में भारत के महावाणिज्य दूतावास का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय थर्मोन्यूक्लियर प्रायोगिक रिएक्टर केंद्र का भी दौरा किया।
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