देश की खबरें | नाहरगढ़ जैविक उद्यान में गर्मी से बचने के लिए भालू को सत्तू, दरियाई घोड़ों को खिलाया जा रहा तरबूज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान ने जानवरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए कई इंतजाम किए हैं। उनके बाड़ों में कूलर लगाए गए हैं और उनके आहार में आइसक्रीम और सत्तू शामिल किया गया है।
जयपुर, 25 मई जयपुर के नाहरगढ़ जैविक उद्यान ने जानवरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए कई इंतजाम किए हैं। उनके बाड़ों में कूलर लगाए गए हैं और उनके आहार में आइसक्रीम और सत्तू शामिल किया गया है।
पार्क के प्रबंधकों ने बताया कि जवानों के खाने पीने को मौसम के हिसाब से समायोजित किया गया है। इसमें बाघ और शेर के शावकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिनकी ये पहली गर्मियां हैं।
वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. अरविंद माथुर ने कहा कि पार्क के जानवरों के आहार में फलों की आइसक्रीम शामिल की गई है। जहां भालू को सत्तू, शहद और विशेष फलों की आइसक्रीम दी जा रही है वहीं हिरण और दरियाई घोड़ों को तरबूज और खीरा परोसा जा रहा है।
राजस्थान पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी का सामना का रहा है। शनिवार को राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले हफ्ते गर्मी और बढ़ने का अनुमान व्यक्त किया है।
उन्होंने बताया, ‘‘पार्क के जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। कूलर लगाए गए हैं। बाघों, शेरों और तेंदुओं के खुले बाड़ों में पानी की बौछारें करने के लिए ‘रेन गन’ लगाई गई हैं। ये उपकरण तापमान को कम रखने में मदद करते हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि एक दरियाई घोड़े ने कुछ दिन पहले ही शावक को जन्म दिया है। इस मां-बच्चे की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त देखभाल की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘सांभर (हिरण) के लिए हरी जाली, स्प्रिंकलर सहित पार्क के अन्य जानवरों के लिए तालाब बनाए गए हैं। व्यस्क जानवरों को खुले बाड़ों में रखा गया है, जबकि शावकों को चिड़ियाघर क्षेत्र में रखा गया है, जहां वे आगंतुकों के लिए मुख्य आकर्षण हैं।’’
माथुर ने कहा, ‘‘पार्क में पैंथर, तेंदुआ, लोमड़ी, बबून और हिरण की विभिन्न प्रजातियों को गर्मी से बचाने के लिए उनके पिंजरों के बाहर पानी के फव्वारे लगाए गए हैं। बाघों और शेरों के बाड़ों में कूलर लगाए गए हैं।’’
नाहरगढ़ जीव उद्यान में एशियाई शेर, बंगाल टाइगर, पैंथर, लकड़बग्घे, भेड़िये, हिरण, मगरमच्छ, भालू और जंगली सूअर सहित अनेक तरह के जानवर हैं। पार्क में इस समय सात शावक सहित 13 बाघ हैं। यह पार्क 720 हेक्टेयर में फैला है और नाहरगढ़ अभयारण्य का हिस्सा है। यह जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर जयपुर से करीब 12 किलोमीटर दूर है।
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