कोच्चि, 12 जुलाई केरल उच्च न्यायालय ने कहा कि राज्य के दो उत्तरी जिलों में वामपंथी विधायक पी.वी. अनवर और उनके परिवार के कब्जे वाली अतिरिक्त भूमि को लौटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
मामले में अदालत के पूर्व के आदेश के अनुसार, अनवर और उनके परिवार के पास केरल के मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों में 226.82 एकड़ जमीन है।
अपने नवीनतम आदेश में उच्च न्यायालय ने निर्धारित अवधि के भीतर अतिरिक्त भूमि समर्पण प्रक्रिया को पूरा नहीं करने के लिए कोझिकोड जिले के थमारस्सेरी क्षेत्र में तालुक भूमि बोर्ड की भी खिंचाई की।
अदालत ने संबंधित भूमि बोर्ड के अधिकारियों को 18 जुलाई को सुनवाई की अगली तारीख से पहले हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें यह बताने को कहा गया है कि उसके निर्देशों का अनुपालन क्यों नहीं किया गया है।
अदालत ने उन्हें निर्दिष्ट समय अवधि के भीतर कार्यवाही पूरी करने के दो अदालती आदेशों के बाद अब तक उठाए गए कदमों के बारे में बताने का भी निर्देश दिया।
मलप्पुरम के रहने वाले और खुद को भूमिहीन व्यक्ति होने का दावा करने वाले के.वी. शाजी की याचिका को स्वीकार करते हुए उच्च न्यायालय की यह टिप्पणी और निर्देश आया।
उन्होंने अपनी याचिका में राज्य भूमि बोर्ड द्वारा पांच महीने के भीतर कार्यवाही समाप्त करने के उच्च न्यायालय के 13 जनवरी, 2022 के आदेश का पालन नहीं करने के लिए संबंधित भूमि बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला फिर से शुरू करने का अनुरोध किया था।
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