देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने असहयोग करने के आरोप पर बंगाल सरकार, राज्य निर्वाचन आयोग को जवाब दाखिल करने कहा

कोलकाता, 12 जुलाई पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में केंद्रीय बल समन्वयक द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) और राज्य सरकार पर असहयोग करने के आरोप लगाये जाने को बहुत गंभीर बताते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय ने उन्हें 26 जुलाई तक अलग-अलग हलफनामा दाखिल करने का बुधवार को निर्देश दिया।

केंद्रीय बल समन्वयक एवं सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिरीक्षक ने अदालत को सौंपी गई एक रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार की ओर से असहयोग किया गया।

अदालत ने कहा कि आरोप, खासतौर पर आयोग के खिलाफ बहुत गंभीर पाये गये हैं।

मुख्य न्यायाधीश टी एस शिवज्ञनम की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह उल्लेख किया कि रिपोर्ट में कहा गया है कि आयोग और राज्य के अधिकारियों का सहयोग और प्रतिक्रिया कई मौकों पर अर्पाप्त पाई गई है।

पीठ ने अपने प्रथम दृष्टया अवलोकन में कहा, ‘‘यदि रिपोर्ट में लगाये गये आरोप सही साबित होते हैं तो यह इस अदालत के आदेश की जानबूझ कर अवज्ञा करने का एक स्पष्ट मामला बनेगा।’’

पीठ में न्यायमूर्ति उदय कुमार भी शामिल हैं।

अदालत उन अवमानना याचिकाओं की सुनवाई कर रही है जिनमें आरोप लगाया गया है कि आयोग ने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए उच्च न्यायालय के आदेशों को लागू नहीं किया।

अदालत ने राज्य में सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बल तैनात करने का चार जुलाई को निर्देश दिया था।

अदालत ने बुधवार को कहा कि वह आयोग द्वारा रिपोर्ट दाखिल करने पर कोई फैसला करेगी। पीठ ने आयोग और राज्य सरकार को अलग-अलग हलफनामों के जरिये 24 जुलाई तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

विषय की अगली सुनवाई 26 जुलाई के लिए निर्धारित की गई है।

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