चंडीगढ़, 20 जून हरियाणा सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में खोले जा रहे फिटनेस केन्द्रों और जिम में योग सिखाने वाले स्वयंसेवियों की मदद लेने पर विचार कर रही है।
इन स्वयंसेवियों की नियुक्ति जिला परिषद द्वारा की जाएगी और इसमें उसी गांव या पड़ोस के गांव के युवाओं को प्राथिमिकता दी जाएगी।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में शनिवार को हुई हरियाणा योग परिषद की समीक्षा बैठक में यह कदम उठाने का फैसला लिया गया ताकि योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाया जा सके।
हरियाणा योग परिषद के अध्यक्ष जयदीप आर्य ने राज्य में चल रही योग गतिविधियों पर प्रस्तुति दी।
आधिकारिक बयान के अनुसार, इन योग स्वयंसेवियों के लिए आयु सीमा 18 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है, साथ ही व्यक्ति को कम से कम 12वीं पास होना चाहिए।
बयान के मुताबिक, व्यक्ति के पास राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त 16 संस्थानों में से किसी एक से लेवल-1 या उसके समकक्ष कोई प्रमाणपत्र होना चाहिए या फिर किसी विश्वविद्यालय से एक साल का डिप्लोमा होना आवश्यक है।
सरकार का कहना है कि इन्हें कुछ अन्य आवश्यक शिक्षा और प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे। बयान में कहा गया है कि शुरुआत में उन्हें न्यूनतम 11,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा।
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