गांधीनगर, 11 मार्च गुजरात सरकार ने मंगलवार को कहा कि उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त जानकारी का इस्तेमाल लोगों को धमकाने और उनसे रुपये ऐंठने के लिए करते हैं।
गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने विधानसभा को बताया कि पुलिस ने सूरत में जबरन वसूली के आरोपों के बाद सिर्फ एक महीने में 50 आरोपियों के खिलाफ 41 प्राथमिकियां दर्ज की हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को उन लोगों की सूची तैयार करने का काम सौंपा गया है, जो आरटीआई और यूट्यूब चैनल का इस्तेमाल कर लोगों को 'ब्लैकमेल' कर उनसे पैसे ऐंठते हैं।
सूरत से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक अरविंद राणा ने विधानसभा के नियम 116 के तहत सदन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया, जो ‘तत्काल जनहित के मामलों’ से संबंधित था।
राणा ने कहा कि सूरत शहर में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें बिल्डरों या लोगों से उगाही करने के लिए आरटीआई अधिनियम के तहत आवेदन दायर किए गए थे।
राणा और तीन अन्य भाजपा विधायकों ने जानना चाहा कि सरकार ने इस खतरे को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं।
संघवी ने इस पर कहा कि सूरत के पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत को पिछले महीने स्थानीय विधायकों के साथ समन्वय बैठक के दौरान सूचना मिली थी कि कुछ लोग खुद को ‘आरटीआई कार्यकर्ता’ और यूट्यूब चैनलों के मालिक बताकर बिल्डरों से पैसे ऐंठने का काम कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा, “आरटीआई अधिनियम का अब कुछ लोगों द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है। वे कई आवेदन दायर करते हैं और उस जानकारी को अपने अज्ञात समाचार पत्रों या यूट्यूब चैनलों में प्रकाशित करने की धमकी देते हैं। वे नागरिकों और अधिकारियों पर दबाव डालते हैं और फिर उनकी छवि खराब करने की धमकी देकर पैसे ऐंठने का काम करते हैं।”
उन्होंने कहा कि पिछले महीने विधायकों से ज्ञापन मिलने के बाद गहलोत ने सूरत पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) को मामले की जांच करने को कहा था।
उन्होंने कहा, “विधायकों के आरोपों से मिली जानकारी के बाद सूरत पुलिस ने महज एक महीने में 50 आरोपियों के खिलाफ 41 प्राथमिकियां दर्ज कीं। इनमें आरटीआई की आड़ में जबरन वसूली के 24 मामले और अखबार या यूट्यूब चैनल में खबर प्रकाशित करने की धमकी देकर जबरन वसूली के 17 मामले शामिल हैं।”
संघवी ने कहा कि स्थानीय कांग्रेस नेता रऊफ बॉम्बेवाला उन 50 आरोपियों में शामिल हैं, जिन पर भारतीय न्याय संहिता के तहत जबरन वसूली के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने सूरत में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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