ताजा खबरें | भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी सरकार : जयशंकर

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

नयी दिल्ली, 29 जुलाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान जयशंकर ने एक पूरक प्रश्न के जवाब में यह भी कहा कि भारत को विश्वास है कि क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में उसके सहयोगी मदद करेंगे।

विदेश मंत्री ने कहा कि इसी सप्ताह भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ मानवाधिकारों, लोकतंत्र, तस्करी, प्रौद्योगिकी तथा अफगानिस्तान सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर उनकी अच्छी और व्यापक बातचीत हुई।

उनसे सदन में पूछा गया कि क्या चीन से मुकाबला करने के लिए भारत ने अमेरिका की मदद मांगी है। इस पर जयशंकर ने जवाब दिया ‘‘अमेरिका के साथ हमारा मजबूत सुरक्षा और संरक्षा सहयोग है। हमने नीतियों का आदान प्रदान किया है, अभ्यास... खास कर नौवहन अभ्यास किए हैं। भारत सरकार हमेशा ही, देश की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जो भी जरूरी कदम होंगे, उठाएगी।’’

ब्लिंकन के साथ बातचीत के बारे में उन्होंने बताया ‘‘मैंने उन्हें विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर हमारे रुख से अवगत कराया। उचित समन्वय की आकांक्षा रखने के साथ साथ हमें इतिहास में हुई गल्तियों को भी दुरुस्त करना है। लेकिन जब आजादी की बात हो तो आजादी को गैर-प्रशासन या जिम्मेदारियों से बचाव के तौर पर नहीं देखा चाहिए।’’

उन्होंने कहा ‘‘हम मानते हैं कि इस विषय पर हमारी बातचीत संतुलित होनी चाहिए। हमें यह भी लगता है कि जब वे मुद्दों को देखते हैं तो हमारे मानक समान होने चाहिए और समस्त वार्तालाप तथ्य आधारित होना चाहिए।’’

क्वाड तथा दक्षिण चीन सागर में, खास कर वहां चीन के हस्तक्षेप को देखते हुए, नौवहन सुरक्षा बनाए रखने में इसकी प्रासंगिकता के बारे में पूछे जाने पर जयशंकर ने कहा कि भारत की अपनी सोच है जो हिंद - प्रशांत संबंधों पर देश के हित को सर्वोपरि रखती है।

विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच उन्होंने कहा ‘‘हम क्वाड को ऐसे मंच के तौर पर देखते हैं जहां चारों देश पूरी दुनिया के कल्याण के लिए एक साथ आए हैं, जो दुनिया को टीका मुहैया कराने, शिक्षा, संपर्क, नौवहन सुरक्षा से लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर पूरा विश्वास है कि क्वाड के वास्तविक नजरिये को पूरी दुनिया स्वीकार करेगी, जिसे भारत ने आगे बढ़ाया है।

जयशंकर ने कहा कि देश की सुरक्षा और संरक्षा से जुड़े हितों को अपने प्रयासों से पूरा करने की भारत की नीति में उसके कई अंतरराष्ट्रीय सहयोगी उसके साथ है।

अफगानिस्तान के बारे में विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ इस बारे में विस्तार से बातचीत की और भारत के रुख से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने कहा ‘‘हमारा मानना है कि अफगानिस्तान में बातचीत से राजनीतिक समाधान निकाला जाना चाहिए, सैन्य समाधान कोई उपाय नहीं है और अफगानिस्तान में सेना का उपयोग कर नियंत्रण नहीं किया जा सकता ।’’

उन्होंने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करेगा कि समाधान के लिए राजनीतिक बातचीत आगे बढ़ाई जाए और वह नतीजे हमें कभी स्वीकार नहीं होंगे जो सेना तय करेगी।

अफगानिस्तान में शांति के मुद्दे पर उन्होंने कहा ‘‘इस मुद्दे पर भारत और अमेरिका के रूख में समानता है।’’ उन्होंने कहा ‘‘हिंद - प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे सभी देशों में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करना भारत और अमेरिका का साझा उद्देश्य है।’’

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