नयी दिल्ली, 11 मार्च पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने मंगलवार को केंद्र सरकार को विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और राज्यपालों की नियुक्तियों को लेकर होने वाले विवादों से बचने की सलाह दी।
राज्यसभा में शिक्षा मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है।
जनता दल (एस) नेता ने कहा, ‘‘केंद्र और राज्य, दोनों की जिम्मेदारी है... उन्हें देखना चाहिए कि कुलपतियों की नियुक्ति के मुद्दे पर कोई विवाद नहीं हो। मैं इस मुद्दे को नहीं उठाना चाहता था क्योंकि कुछ राज्यों में क्या हो रहा है... न केवल कर्नाटक में बल्कि कई राज्यों में... राज्यपालों की नियुक्ति प्रमुख विवादों में से एक रही।’’
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं शिक्षा मंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूं कि इस तरह के विवादों को जारी नहीं रहने दिया जाना चाहिए। मैं आपसे केवल अपील करता हूं कि इस विवाद को हल करने के लिए कोई उपाय होना चाहिए।’’
उन्होंने कहा कि मैसूर विश्वविद्यालय और कर्नाटक विश्वविद्यालय को केंद्र से पर्याप्त अनुदान की आवश्यकता है।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दोनों संस्थान कोष की कमी से जूझ रहे हैं और इनमें कई पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इन विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को वेतन भी समय पर नहीं मिल पा रहा है।
देवेगौड़ा ने कहा, ‘‘आपको यह देखना चाहिए कि बिना राजनीति के पर्याप्त अनुदान दिए जाने चाहिए। मुझे उम्मीद और विश्वास है कि केंद्र सरकार मेरे अनुरोध पर विचार करेगी।’’
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