जरुरी जानकारी | सरकार ने 2023-24 के लिए कृषि ऋण लक्ष्य 11 प्रतिशत बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार ने बुधवार को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान केंद्रित करते हुए अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि ऋण लक्ष्य को 11 प्रतिशत बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की।
नयी दिल्ली, एक फरवरी सरकार ने बुधवार को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान केंद्रित करते हुए अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि ऋण लक्ष्य को 11 प्रतिशत बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की।
चालू वित्त वर्ष 2022-23 के लिए कृषि ऋण लक्ष्य 18 लाख करोड़ रुपये है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार 2,200 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के लिए रोग मुक्त, गुणवत्ता रोपण सामग्री की उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए 'आत्मनिर्भर स्वच्छ पौध कार्यक्रम' शुरू करेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की एक नई उप-योजना 6,000 करोड़ रुपये के लक्षित निवेश के साथ शुरू की जाएगी, ताकि मछुआरों, मछली विक्रेताओं और सूक्ष्म और लघु उद्यमों की गतिविधियों को और प्रभावी बनाया जा सके, मूल्य श्रृंखला क्षमता में सुधार किया जा सके और बाजार का विस्तार किया जा सके।
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन पर ध्यान देने के साथ कृषि ऋण लक्ष्य को बढ़ाकर 20 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।’’
सरकार हर साल कृषि क्षेत्र के लिए ऋण लक्ष्य बढ़ा रही है।
आमतौर पर, कृषि ऋण पर नौ प्रतिशत की ब्याज दर लगती है। हालांकि, सरकार सस्ती दर पर अल्पकालिक फसल ऋण उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए ब्याज सहायता प्रदान कर रही है।
किसानों को सात प्रतिशत सालाना की प्रभावी दर पर तीन लाख रुपये तक का अल्पावधि कृषि ऋण सुनिश्चित करने के लिए सरकार दो प्रतिशत ब्याज सब्सिडी प्रदान कर रही है।
औपचारिक ऋण प्रणाली में छोटे और सीमांत किसानों के दायरे को बढ़ाने के लिए रिजर्वबैंक ने गारंटी-मुक्त कृषि ऋण की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.6 लाख रुपये करने का फैसला किया है।
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