जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में मजबूती, त्योहारी मांग से अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख तथा त्योहारी मांग के कारण बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख तेल-तिलहन बाजारों में अधिकांश तेल-तिलहन (सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल) के दाम सुधार के साथ बंद हुए। कमजोर कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के भाव अपरिवर्तित रहे।
नयी दिल्ली, छह मार्च विदेशी बाजारों में मजबूती के रुख तथा त्योहारी मांग के कारण बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख तेल-तिलहन बाजारों में अधिकांश तेल-तिलहन (सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल) के दाम सुधार के साथ बंद हुए। कमजोर कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के भाव अपरिवर्तित रहे।
मलेशिया एक्सचेंज दोपहर 3.30 बजे 1.4 प्रतिशत मजबूत था जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में भी सुधार चल रहा है।
बाजार सूत्रों ने कहा कि अभी सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 4-5 प्रतिशत नीचे चल रहा है। इस बार सरसों का उत्पादन भी कम है और इस तेल का कोई विकल्प नहीं हो सकता। स्टॉकिस्ट अभी सरसों की खरीद कर रहे हैं। त्योहारी मांग होने से सरसों तेल-तिलहन कीमतों में सुधार आया। होली की छुट्टियों के बाद सरकार की ओर से एमएसपी पर सरसों की खरीद शुरू होगी। इससे सरसों किसानों को भी फायदा मिलेगा। सरकार को जल्द से जल्द सरसों की खरीद करने की ओर ध्यान देना चाहिये।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के मद्देनजर मिल वालों और संयंत्र वालों की मांग होने के कारण सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों में भी सुधार दर्ज हुआ।
सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन का बाजार बनाना बहुत हद तक नेफेड जैसी सहकारी संस्था पर निर्भर करता है। अगर नेफेड सोयाबीन की बिक्री के लिए कोई निविदा ना मंगाये तो बाजार में भागमभाग नहीं मचेगी और सोयाबीन के दाम नहीं टूटेंगे। जिससे सोयाबीन की आगामी बिजाई पर भी कोई प्रतिकूल असर नहीं आयेगा और बाजार धारणा सुधरने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग डेढ़ प्रतिशत सुधार के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम में भी सुधार दर्ज हुआ।
सूत्रों ने कहा कि बिनौला तेल का दाम सूरजमुखी तेल से 10 रुपये किलो नीचे है और त्योहारों की वजह से नमकीन बनाने वाली कंपनियों के बीच इस सस्ते तेल की मांग भी बढ़ी है। नमकीन बनाने वाली कंपनियां सूरजमुखी के मुकाबले बिनौला तेल को तरजीह देती हैं। मांग बढ़ने से बिनौला तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।
कमजोर कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन के भाव अपरिवर्तित बने रहे।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 6,150-6,250 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,625-5,950 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,350 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,210-2,510 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,350-2,450 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,350-2,475 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,750 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,050 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 13,100 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,500 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,650 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 13,550 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,125-4,175 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 3,825-3,875 रुपये प्रति क्विंटल।
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