जरुरी जानकारी | फर्स्ट सोलर की भारत में सौर विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए 68.4 करोड़ डॉलर निवेश की योजना

नयी दिल्ली, 30 जुलाई फर्स्ट सोलर इंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने भारत में एकीकृत फोटोवोल्टिक (पीवी) थिन-फिल्म सौर मॉड्यूल विनिर्माण संयंत्र की स्थापना के लिए 68.4 करोड़ डॉ़लर (करीब 5,000 करोड़ रुपये) निवेश करने की योजना बनाई है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि भारत सरकार के प्रोत्साहनों और अन्य लंबित अनुमोदन के आधार पर उन्नत संयंत्र के 2023 की दूसरी छमाही में चालू होने की उम्मीद है।

फर्स्ट सोलर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मार्क विडमार ने कहा कि भारत फर्स्ट सोलर के लिए एक आकर्षक बाजार है और कंपनी की मॉड्यूल तकनीक गर्म, आर्द्र जलवायु में बेहतर है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह एक स्वाभाविक रूप से टिकाऊ बाजार है, जहां अर्थव्यवस्था में वृद्धि के साथ ऊर्जा की मांग भी बढ़ रही है और जहां अगले नौ वर्षों तक हर साल 25 गीगावॉट से अधिक सौर ऊर्जा विकसित करने की जरूरत होगी।’’

अनुमान है कि प्रस्तावित संयंत्र की नेमप्लेट क्षमता 3.3 गीगावाट (GW) डीसी की होगी।

विडमार ने कहा कि क्रिस्टलीय सिलिकॉन सौर आपूर्ति श्रृंखला के क्षेत्र में वैश्विक प्रभुत्व हासिल करने की चीन की रणनीति के जवाब में भारत दमखम के साथ खड़ा है।

उम्मीद है कि इस संयंत्र को तमिलनाडु में स्थापित किया जाएगा, जिससे राज्य में 1,000 से अधिक नए रोजगार के मौके तैयार होंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)