जरुरी जानकारी | फडणवीस का बिजली क्षेत्र के लिए कम ब्याज पर कर्ज उपलब्ध कराने का आग्रह
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को केंद्र से उदय योजना को फिर से शुरू करने, ऊर्जा क्षेत्र के लिए सस्ती दर पर कर्ज उपलब्ध कराने, शुल्क हटाने और राज्य वितरक महावितरण को ब्याज मुक्त बॉन्ड जारी करने की अनुमति देने का आग्रह किया।
मुंबई, 27 फरवरी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बृहस्पतिवार को केंद्र से उदय योजना को फिर से शुरू करने, ऊर्जा क्षेत्र के लिए सस्ती दर पर कर्ज उपलब्ध कराने, शुल्क हटाने और राज्य वितरक महावितरण को ब्याज मुक्त बॉन्ड जारी करने की अनुमति देने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि उन्होंने बिजली वितरण कंपनियों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर यहां सह्याद्री गेस्ट हाउस में एक मंत्रिस्तरीय समिति की बैठक के दौरान ये मांगें कीं।
फडणवीस ने कहा, ‘‘ऊर्जा क्षेत्र को दक्षता में सुधार और लागत कम करने के लिए वित्तीय सहायता की आवश्यकता है। देश की सबसे बड़ी बिजली कंपनियों में से एक होने के नाते महावितरण को ब्याज मुक्त बॉन्ड जारी करने की अनुमति दी जानी चाहिए।’’
उदय (उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना) देश की बिजली वितरण कंपनियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिये शुरू की गयी केंद्र सरकार की योजना है।
केंद्रीय बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपाद नाइक ने कहा कि केंद्र नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, बैटरी भंडारण समाधान लागू करने, बिजली वितरण में कृत्रिम मेधा (एआई) और आधुनिक तकनीक का उपयोग करने और स्मार्ट मीटर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नाइक ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार इन उपायों को प्राथमिकता देगी और उन्हें समयबद्ध तरीके से लागू करेगी।’’
विज्ञप्ति में कहा गया है कि नाइक ने बिजली क्षेत्र में वित्तीय चुनौतियों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा, ‘‘देशभर में 2023-24 में बिजली क्षेत्र में 16.28 प्रतिशत का घाटा दर्ज किया गया। महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों को दक्षता में सुधार पर ध्यान देना चाहिए।’’
नाइक ने कहा कि इन राज्यों को एआई और आधुनिक तकनीक अपनाने, सरकारी विभागों द्वारा समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, राज्य विद्युत नियामक आयोगों (एसईआरसी) के माध्यम से शुल्क दर में संशोधन करने और स्मार्ट मीटर और वैकल्पिक वित्तपोषण विधियों के माध्यम से घाटे को कम करने पर ध्यान देने की जरूरत है।
मंत्रिस्तरीय बैठक में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्रियों ने भाग लिया।
नाइक ने घोषणा की कि बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय रूप से सशक्त बनाने पर अगली बैठक उत्तर प्रदेश में होगी।
बैठक के दौरान, फडणवीस ने महावितरण की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र द्वारा उठाये जा रहे कदमों की जानकारी दी।
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