देश की खबरें | पाकिस्तान के साथ युद्ध की स्थिति में असम का हर नागरिक सशस्त्र बलों के साथ खड़ा रहेगा: हिमंत
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गुवाहाटी, 30 अप्रैल असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ युद्ध की स्थिति में राज्य का प्रत्येक नागरिक देश के सशस्त्र बलों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।
उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीने देश के लिए महत्वपूर्ण होंगे और राज्य के लोग हरसंभव तरीके से मदद करेंगे।
शर्मा ने ग्वालपाड़ा में एक पंचायत चुनाव रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि पिछले हफ्ते पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने कैसे निर्दोष लोगों को मार डाला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आतंकवादियों का दुनिया के अंतिम छोर तक पीछा किया जाएगा और हमारे सशस्त्र बल उन्हें छोड़ेंगे नहीं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें नहीं पता कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होगा या नहीं, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो असम का हर व्यक्ति हमारे सशस्त्र बलों और प्रधानमंत्री मोदी के साथ खड़ा होगा।’’
उन्होंने कहा कि अगले एक या दो महीने देश के लिए ‘परीक्षा की घड़ी’ होगी। शर्मा ने कहा, ‘‘हमें भारत माता के माथे पर विजय तिलक लगाना होगा। चुनाव के दौरान हम अपनी पसंद की पार्टी का समर्थन कर सकते हैं, लेकिन जब युद्ध की बात आती है, तो हम सभी पहले भारतीय हैं। हमें प्रार्थना करनी होगी और हरसंभव तरीके से मदद करनी होगी।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के तहत सभी समुदायों के बीच शांति और सद्भाव सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद, हमारे मूल लोग सुरक्षित महसूस करने लगे हैं। वे खुश हैं। धुबरी, ग्वालपाड़ा, मनकाचर जैसी जगहों पर सभी समुदाय शांति से रह रहे हैं। हमारे लोग पहले असुरक्षा की भावना के साथ रह रहे थे।’’
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए शर्मा ने लोगों से एकजुट रहने और भाजपा का समर्थन जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘ लोगों को एकजुट रहना होगा। हमें राजनीतिक रूप से मजबूत होना होगा। अगर हम थोड़ी सी भी गलती करते हैं, तो हम कांग्रेस के दिनों में लौट जाएंगे।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान धमाके रोजाना की बात थी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘अब असमिया और आदिवासी लोग एक ही मंच पर हैं। असमिया भाषी और बांग्ला भाषी लोगों के बीच या बांग्ला भाषी और हिंदी भाषी लोगों के बीच कोई विवाद नहीं है। हमें पता चल गया है कि हमारा असली दुश्मन कौन है और हमें उनके खिलाफ एकजुट होना होगा।’’
शर्मा ने दावा किया कि हालांकि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग कई बार कांग्रेस को वोट देते हैं, लेकिन इस बार वे विपक्षी पार्टी का समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने दावा किया, ‘‘अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को यह समझना चाहिए कि भाजपा सरकार के तहत कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है।’’
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