इस दौरान दोनों नेताओं ने करीबी सहयोग को जारी रखने के संकल्प को दोहराया।
एर्दोआन ने कहा कि इस संयंत्र के जरिए तुर्की परमाणु ऊर्जा संपन्न देशों की फेहरिस्त में आएगा। साथ ही उन्होंने इसे तुर्की-रूस सहयोग का एक प्रतीक करार दिया।
रूस मर्सिन प्रांत में तुर्की के पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण कर रहा है। दोनों देशों ने वर्ष 2010 में सहयोग संधि पर हस्ताक्षर किए थे और इस पर 2018 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था।
तुर्की का विद्युत उत्पादन गैस एवं पनबिजली संयंत्रो पर आधारित है। यह अपनी विद्युत आवश्यकता को पूरा करने के लिए इसके आयात पर निर्भर है।
तुर्की प्राकृतिक गैस आजरबैजान, ईरान, रूस समेत अन्य देशों से खरीदता है।
एर्दोआन ने कहा कि संयंत्र की पहली भट्टी 2023 में शुरू हो जाएगी।
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