जरुरी जानकारी | खरीफ बुवाई के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध, राज्य दुरुपयोग रोकें : मांडविया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि चालू खरीफ (ग्रीष्मकालीन बुआई) सत्र के लिए देश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने राज्यों से कहा कि वे औद्योगिक उपयोग के लिए यूरिया के दुरुपयोग पर अंकुश लगायें।
नयी दिल्ली, 22 अगस्त केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने मंगलवार को कहा कि चालू खरीफ (ग्रीष्मकालीन बुआई) सत्र के लिए देश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने राज्यों से कहा कि वे औद्योगिक उपयोग के लिए यूरिया के दुरुपयोग पर अंकुश लगायें।
मंत्री ने यहां देश में उर्वरकों की उपलब्धता और उपयोग पर राज्य के कृषि मंत्रियों के साथ बातचीत की।
मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘बैठक के दौरान उन्होंने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी के इस्तेमाल की दिशा में हुई प्रगति और क्षेत्र स्तर पर वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने और इस संबंध में राज्यों द्वारा उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की।
मांडविया ने सभी राज्यों को सूचित किया कि देश में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और मौजूदा समय में 150 लाख टन का भंडार मौजूद है। उन्होंने कहा कि यह स्टॉक न केवल मौजूदा खरीफ सत्र की जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि आगामी रबी (सर्दियों की बुवाई) सत्र के लिए भी आरामदायक शुरुआती स्टॉक की स्थिति को सुनिश्चित करेगा।
मांडविया ने मृदा की रक्षा के लिए रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि केंद्र सरकार पहले ही पीएम प्रणाम योजना के रूप में एक कदम उठा चुकी है। प्रयासों में धरती माता को बचाने के लिए वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए धीमी गति से निकलने वाले सल्फर-लेपित यूरिया (यूरिया गोल्ड), नैनो यूरिया, नैनो डीएपी आदि की शुरूआत भी शामिल है।
बयान में कहा गया है कि राज्य सरकारों ने इस संकल्प में सक्रिय भागीदार बनने की इच्छा व्यक्त की है।
बयान में कहा गया है, ‘‘मंत्री ने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से गैर-कृषि प्रयोजनों के लिए कृषि ग्रेड यूरिया के दुरुपयोग पर नजर रखने की आवश्यकता के बारे में गंभीर अपील की।’’
उन्होंने राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों से जागरूकता अभियान चलाने को कहा, जिससे कृषि यूरिया के संभावित दुरुपयोग को कम किया जा सके और चूक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)