देश की खबरें | इस गलतफहमी में न रहें कि वरिष्ठ अधिवक्ता का नाम लेने पर मामला स्थगित हो जाएगा: न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को एक वकील द्वारा इस आधार पर मामले की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई कि एक वरिष्ठ वकील इस मामले में बहस करेंगे।
नयी दिल्ली, 19 फरवरी उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को एक वकील द्वारा इस आधार पर मामले की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई कि एक वरिष्ठ वकील इस मामले में बहस करेंगे।
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने उस वकील को फटकार लगाई, जिसने एक वाणिज्यिक विवाद से संबंधित मामले को स्थगित करने का अनुरोध किया था।
वकील ने अदालत से मामले को चार सप्ताह के लिए स्थगित करने का अनुरोध करते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे इस मामले पर बहस करेंगे।
वकील ने कहा कि साल्वे विदेश में हैं और लौटने के बाद वह मामले में स्वयं बहस करेंगे।
पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘क्या आपको लगता है कि अगर आप किसी वरिष्ठ वकील का नाम लेंगे तो हम मामले को स्थगित कर देंगे? वकीलों की यह प्रवृत्ति बंद होनी चाहिए। हम सिर्फ इसलिए मामले को स्थगित नहीं करेंगे क्योंकि आपने किसी वरिष्ठ वकील का नाम लिया है।’’
जब मामला बाद में सुनवाई के लिए आया तो अदालत ने कहा कि वह इस धारणा को दूर करना चाहती है कि वह वरिष्ठ वकील का नाम लेने पर मामले को स्थगित कर सकती है।
बहरहाल, उसने अनुरोध स्वीकार कर लिया और सुनवाई स्थगित कर दी।
न्यायालय ने जनवरी में एक वकील को कार में बैठकर अदालत को संबोधित करने के लिए फटकार लगाई थी और कानूनी कार्यवाही की गरिमा बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया था।
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