चेन्नई, 31 मार्च तमिलनाडु के जलसंसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने बृहस्पतिवार को यहां कहा कि कानून विशेषज्ञों से सलाह करने के बाद तमिलनाडु सरकार वन्नियार समुदाय का आंतरिक आरक्षण रद्द किए जाने के मुद्दे पर आगे के कदम पर फैसला करेगी।
मंत्री ने कहा कि उचित मौलिक आंकड़ों के बगैर पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार ने जल्दीबाजी में वन्नियार समुदाय को आंतरिक आरक्षण दिया था और यह सबकुछ विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक कारणों से किया गया था।
दुरईमुरुगन ने एक बयान में कहा कि सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद आंकड़ों के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय ने वन्नियार समुदाय को आंतरिक आरक्षण देने के कानून को रद्द कर दिया।
इस पृष्ठभूमि में मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु सरकार कानूनी विशेषज्ञों से चर्चा करने के बाद वन्नियार समुदाय को आंतरिक आरक्षण देने पर आगे के कदम पर फैसला लेगी।
इस फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए पीएमके के संस्थापक एस. रामदास ने कहा कि फैसले में स्पष्ट किया गया है कि स्पष्ट आंकड़ों के आधार पर तमिलनाडु पिछड़ा वर्ग आयोग वन्नियार समुदाय को आंतरिक आरक्षण देने की सिफारिश कर सकता है।
पीएमके नेता ने कहा कि इसके आधार पर सरकार सरकार विधानसभा में नया विधेयक लाकर उन्हें आरक्षण दे सकती है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY