देश की खबरें | धामी ने हरिद्वार के जलभराव वाले क्षेत्रों को आपदा ग्रस्त घोषित किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार जिले में बारिश के कारण जलभराव या बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों को आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने तथा उनमें आगामी तीन माह तक विद्युत, जल तथा अन्य सरकारी देय एवं ऋणों की वसूली को स्थगित रखने की घोषणा की।

देहरादून, 21 जुलाई उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हरिद्वार जिले में बारिश के कारण जलभराव या बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों को आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने तथा उनमें आगामी तीन माह तक विद्युत, जल तथा अन्य सरकारी देय एवं ऋणों की वसूली को स्थगित रखने की घोषणा की।

उधर, प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर तेज बारिश होने से बदरीनाथ तथा यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य सड़कें भूस्खलन के कारण बाधित हो गयीं ।

हरिद्वार पहुंचकर जलभराव तथा बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दिनों भारी वर्षा के कारण जिन क्षेत्रों में जलभराव या बाढ़ की स्थिति पैदा हुई, उन्हें आपदा क्षेत्र घोषित किया जायेगा।

उन्होंने आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आगामी तीन माह तक विद्युत, जल, अन्य सरकारी देय एवं ऋणों की वसूली को स्थगित रखने की भी घोषणा की।

धामी ने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में तीव्रता से व्यापक सर्वेक्षण करवाकर तत्काल राहत राशि का वितरण सुनिश्चित कराया जायेगा।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की आपदा की पुनरावृत्ति रोकने एवं बचाव के लिए बाढ़ प्रबंधन योजना पर कार्य किया जायेगा, जिसमें जल निकासी की व्यापक योजना तैयार कर कार्य कराया जाना एवं आवश्यकतानुसार छोटी पुलियों का निर्माण कराया जाना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने भविष्य में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए नदियों को चैनेलाइज करने की दिशा में कदम उठाये जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्थायी बाढ़ राहत केन्द्रों का निर्माण कराया जायेगा।

इससे पहले, अधिकारियों के साथ एक बैठक में मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, विद्युत आदि सभी व्यवस्थाओं का सामान्य रूप से संचालन सुनिश्चित करने को कहा ।

पिछले दिनों भारी बारिश के कारण हरिद्वार जिले की रूड़की, लक्सर, भगवानपुर तथा हरिद्वार तहसीलों के 71 गांवों में जलभराव तथा बाढ़ के हालात पैदा हो गए थे जिसके चलते कई परिवारों को रिश्तेदारों व किराये के मकानों में जाना पड़ा जबकि 81 परिवारों को अस्थाई राहत केंद्रो में स्थानांतरित करना पड़ा ।

उधर, शुक्रवार को भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ जिसके चलते सड़कें अवरूद्ध हो गयी । भूस्खलन का मलबा आ जाने से चमोली जिले में बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग नंदप्रयाग से बदरीनाथ के बीच पांच स्थानों पर अवरुद्ध हो गया।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, कर्णप्रयाग- गैरसैंण राष्ट्रीय राजमार्ग भी गैरसैण के समीप कालीमाटी में सड़क बह जाने के कारण आवागमन के लिए बंद हो गया है जिसे खोलने का प्रयास किया जा रहा है ।

ऋषिकेश—यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तरकाशी जिले में धरासू बैंड के समीप मलबा आने के कारण बंद है

पौड़ी जिले के थलीसैंण क्षेत्र के रौली गांव में बृहस्पतिवार की रात्रि बादल फट गया जिसमें चार आवासीय भवनों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची तथा करीब दो हेक्टेअर कृषि भूमि बह गयी । घटना में एक व्यक्ति की गौशाला बह गयी जिसके साथ उसमें बंधे पशुओं की भी मृत्यु हो गयी ।

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