नयी दिल्ली, 31 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की शिक्षा मंत्री आतिशी की उस याचिका पर सोमवार को कार्यवाही बंद कर दी, जिसमें उन्होंने ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा पर जाने के लिए केंद्र से जरूरी मंजूरी दिलाने का आग्रह किया था।
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद आतिशी ने पिछले महीने ब्रिटेन की यात्रा की थी। इसके बाद आम आदमी पार्टी (आप) की नेता के वकील ने कहा कि याचिका में अब कुछ नहीं बचा है और इसमें किए गए आग्रह को मान लिया गया था।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा कि याचिका को निष्फल मानकर निस्तारित किया जाता है।
आतिशी ने पिछले महीने उच्च न्यायालय का रुख करके कहा था कि कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ने उन्हें मंत्री की हैसियत से 15 जून को होने वाले ‘इंडिया एट 100: टूवर्ड्स बीकमिंग ए ग्लोबल लीडर्स’ को संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया था।
उन्होंने दावा किया था कि दिल्ली सरकार ने उन्हें 14 से 20 जून तक यात्रा पर जाने के लिए प्रशासनिक मंजूरी प्रदान कर दी है, जबकि केंद्र सरकार ने उनकी गुजारिश को लेकर कुछ सवाल भेजे हैं।
केंद्र सरकार ने सात जून को अदालत को बताया था कि उन्हें ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा पर जाने के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
वहीं दिल्ली के वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने मुख्यमंत्री समेत राज्य सरकार के मंत्रियों को विदेश यात्रा पर जाने से पहले केंद्र सरकार से राजनीतिक मंजूरी लेने के प्रावधान को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी और यह याचिका अदालत में लंबित है।
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