देश की खबरें | हरियाणा से आईटीओ बैराज का नियंत्रण सौंपने का अनुरोध करेगी दिल्ली सरकार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार शहर के बाढ़ प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए हरियाणा सरकार से यमुना नदी पर बने आईटीओ बैराज का नियंत्रण सौंपने का औपचारिक अनुरोध करेगी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, 23 जुलाई दिल्ली सरकार शहर के बाढ़ प्रबंधन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए हरियाणा सरकार से यमुना नदी पर बने आईटीओ बैराज का नियंत्रण सौंपने का औपचारिक अनुरोध करेगी। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
बैराज के कई गेट खराब होने को भी साल 2023 में शहर में बाढ़ आने के लिए जिम्मेदार माना गया था।
एक सरकारी अधिकारी ने कहा, "2023 वाली बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए बैराज के गेटों की मरम्मत कर दी गई है और हम इस पर नजर रख रहे हैं। हम हरियाणा से इसे सौंपने का अनुरोध भी करेंगे।"
अधिकारी ने बताया कि सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने योजना को मंजूरी दे दी है और इस मामले को हरियाणा के समक्ष उठाएंगे।
पहले भी, दिल्ली सरकार ने पड़ोसी राज्य सरकार को इस महत्वपूर्ण बैराज को सौंपने के लिए पत्र लिखा था।
अधिकारी ने बताया कि आईटीओ बैराज अक्सर बाढ़ की चपेट में आने वाले इलाकों के सबसे करीब है और भारी गाद जमा होने के कारण बैराज के पांच गेट का खराब होना बाढ़ के प्रमुख कारणों में से एक रहा है।
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (आई एंड एफ सी) की 2023 की बाढ़ पर रिपोर्ट में कहा गया है, "यमुना के अधिकतम जलस्तर पर बैराज के पूर्वी छोर पर स्थित इन द्वारों को नहीं खोला जा सका, इसलिए दबाव इतना अधिक था कि पानी वजीराबाद और आईटीओ बैराज के बीच नदी के किनारे स्थित क्षेत्रों, सड़कों और कॉलोनियों में फैलने लगा।"
आईटीओ बैराज पर 32 गेट हैं। इन तीन बैराज में से, दिल्ली सरकार केवल वज़ीराबाद स्थित एक बैराज पर नियंत्रण रखती है। ओखला बैराज उत्तर प्रदेश सरकार के नियंत्रण में है।
साल 2023 में, यमुना के जलग्रहण क्षेत्र में अभूतपूर्व वर्षा के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था।
उस वर्ष 13 जुलाई को, पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर 208.66 मीटर पर पहुंच गया था, जो 6 सितंबर, 1978 को दर्ज किए गए 207.49 मीटर से भी अधिक था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)