देश की खबरें | लॉकडाउन से कोरोना का सफाया असंभव, टीका मानकर मास्क पहनें : जैन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि लॉकडाउन के जरिए कोविड-19 महामारी पर रोक लगा पाना ‘असंभव’ है क्योंकि वायरस का ‘समुदाय के जरिए प्रसार’ हो गया है तथा इसकी दवा उपलब्ध होने तक लोगों को टीका के तौर पर मास्क पहनना चाहिए।
नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि लॉकडाउन के जरिए कोविड-19 महामारी पर रोक लगा पाना ‘असंभव’ है क्योंकि वायरस का ‘समुदाय के जरिए प्रसार’ हो गया है तथा इसकी दवा उपलब्ध होने तक लोगों को टीका के तौर पर मास्क पहनना चाहिए।
उनका यह बयान शुक्रवार को वायरस से संक्रमण के रिकॉर्ड 5,891 नए मामले सामने आने की पृष्ठभूमि में है। लगातार तीसरे दिन नगर में नए मामलों की संख्या 5,000 से अधिक रही है।
मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि शुरुआत में लॉकडाउन लागू किया गया था क्योंकि "उस समय यह एक नया वायरस था’’ और इसका व्यवहार पूरी तरह से अप्रत्याशित था।
उन्होंने कहा, ‘‘लॉकडाउन से बहुत कुछ सीखने को मिला, और बहुत कुछ कहा गया कि 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद वायरस का प्रसार बंद हो जाएगा या तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने पर यह रुक जाएगा। क्या यह रूका? इसलिए उस कदम से यह सीख मिली है कि लॉकडाउन के जरिए कोविड-19 के प्रसार को रोक पाना असंभव है क्योंकि वायरस समुदाय के माध्यम से फैल गया है।’’
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उनसे सवाल किया गया था कि अगर नए मामलों में वृद्धि जारी रहती है तो क्या लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
जैन ने कहा कि लॉकडाउन से एक अन्य सीख यह भी है कि मास्क का उपयोग संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए एक प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, असली टीका मिलने तक लोगों को मास्क का उपयोग टीका मानकर करना चाहिए। कुछ महीनों में टीका मिल जाने की उम्मीद है’’
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में लोग लापरवाह हो गए और सार्वजनिक स्थानों पर मास्क नहीं पहन रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि चालान (जुर्माना) जारी किए जा रहे हैं और मास्क नहीं पहनने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जैन ने सितंबर में पीटीआई- को दिए एक साक्षात्कार में, यहां एक और लॉकडाउन की संभावना को खारिज कर दिया था और कहा था कि किसी अर्थव्यवस्था को "अनंत काल के लिए बंद नहीं रखा जा सकता" क्योंकि बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका इस पर निर्भर होती है।
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