देश की खबरें | कर्नाटक में कांग्रेस की पदयात्रा जारी, मुख्यमंत्री ने इसे ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कावेरी नदी पर मेकेदातू परियोजना के कार्यान्वयन की मांग को लेकर कांग्रेस की पदयात्रा सोमवार को जारी रहने के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इसे ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया और इस सबसे पुरानी पार्टी से परियोजना के लिए उसके योगदान को लेकर सवाल किया।

बेंगलुरु, 28 फरवरी कावेरी नदी पर मेकेदातू परियोजना के कार्यान्वयन की मांग को लेकर कांग्रेस की पदयात्रा सोमवार को जारी रहने के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इसे ‘राजनीति से प्रेरित’ करार दिया और इस सबसे पुरानी पार्टी से परियोजना के लिए उसके योगदान को लेकर सवाल किया।

कोविड-19 संबंधी चिंताओं को लेकर जनवरी में पदयात्रा अस्थायी रूप से रोक देने के बाद कांग्रेस ने अपने प्रदेश अध्यक्ष डी के शिवकुमार एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया के नेतृत्व में इसे रविवार को बहाल कर दिया। पार्टी ने इस पद यात्रा में रामनगर से बिदादी तक 15 किलोमीटर की दूरी तय की है। आज इस पद यात्रा में बिदादी से केंगेरी तक तक 20.5 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी।

इस ‘पदयात्रा 2.0’ की थीम ‘नम्मा नीरू नम्मा हक्कू’ (हमारा पानी , हमारा अधिकार) है। कुल 79.8 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद, तीन मार्च को बेंगलुरु में बसावनगुडी में नेशनल कॉलेज ग्राउंड में इसका समापन होगा।

कांग्रेस के मार्च पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ इसे (पदयात्रा को) ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सभी तथ्य पता होने के बाद भी वे राजनीतिक फायदे के लिए पदयात्रा निकाल रहे हैं।’’

उन्होंने हुबली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ लोगों को पता है कि कांग्रेस शासन के दौरान, वे व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाये। मेकेदातू परियोजना में उनका योगदान क्या है? ’’

यह पार्टी की पदयात्रा का दूसरा चरण है। पहला चरण 13 जनवरी को थम गया था जब कोविड-19 की तीसरी लहर चरम पर थी।

यात्रा के दौरान सिद्धरमैया ने संवददाताओं से कहा कि पदयात्रा जारी रहेगी और शिवरात्रि के बावजूद कल बेंगलुरू में दाखिल होगी।

शिवकुमार ने कहा कि चिलचिलाती धूप के बाद भी बड़ी संख्या में लोग इस पद यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं और इसके प्रति लोगों का उत्साह वाकई बहुत अच्छा है।

यह पद यात्रा नौ जनवरी को रामनगर जिले के कनकपुरा में कावेरी और अर्कवती नदियों के संगम पर शुरू हुई थी और 139 किलोमीटर की दूरी तय कर 19 जनवरी को बेंगलुरु के बसावनगुडी में इसे संपन्न होना था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

\