नयी दिल्ली, 28 अगस्त सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की बिजली क्षेत्र को कोयले की आपूर्ति अप्रैल-जुलाई के दौरान 19.5 प्रतिशत घटकर 12.63 करोड़ टन रही। कोयले की मांग घटने से कंपनी की कोयला आपूर्ति प्रभावित हुई है।
कोयला मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल समान अवधि में कंपनी ने बिजली क्षेत्र को 15.68 करोड़ टन से अधिक की कोयले की आपूर्ति की थी।
आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में कोल इंडिया की कोयला आपूर्ति 12.4 प्रतिशत घटकर 3.27 करोड़ टन रही, जो पिछले साल की समान अवधि में 3.74 करोड़ टन थी।
चालू वित्त वर्ष के पहले चार माह में सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) की कोयला आपूर्ति 47.2 प्रतिशत घटकर 96.8 लाख टन रही, जो इससे पिछले साल की समान अवधि में 1.83 करोड़ टन रही थी।
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जुलाई में एससीसीएल की कोयला आपूर्ति घटकर 24 लाख टन रह गई, जो जुलाई 2019 में 43.3 लाख टन थी। घरेलू कोयला उत्पादन में कोल इंडिया का हिस्सा करीब 80 प्रतिशत है।
इंडिया रेटिंग्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी कोयले की मांग कमजोर रहेगी। कोविड-19 महामारी की वजह से जहां अंतिम उपभोक्ता उद्योगों की मांग प्रभावित हुई है, वहीं पावर स्टेशनों के पास भी कोयले का पर्याप्त भंडार है।
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